कृषि कानून के खिलाफ भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत 13 मार्च को पश्चिम बंगाल में किसानों की सभा में हुंकार भरेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये बंगाल के किसानों से संपर्क किया है। चुनावी सरगर्मी के बीच राकेश टिकैत की इस यात्रा के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
मगर राकेश टिकैत का कहना है कि वहां पर किसानों को फसल की एमएसपी नहीं मिल रही। सरकार की कई योजनाओं का भी किसान लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उधर, तपती गर्मी में भी किसान आंदोलन को रफ्तार देने के लिए गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने नई रणनीति बनाई है। कमेटी ने किसानों के खाने-पीने का मेन्यू बदल दिया है।
भाकियू के गाजियाबाद जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह ने बताया कि रोजाना की तरह गांव-कस्बों से किसान खेतों में काम करके आंदोलन स्थल पर भी हाजिरी लगा रहे हैं। बुधवार को मुरादनगर के गांव से किसानों की 25 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली खाद्य सामग्री के साथ यूपी गेट पहुंचीं। यह सभी किसान अगले 24 घंटे के लिए आंदोलन में रहेंगे।
मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र सिंह मलिक का कहना है कि 13 मार्च को राकेश टिकैत पश्चिम बंगाल जाएंगे। वहां के किसानों ने पिछले दिनों पत्र भेजकर वहां महापंचायत करने की मांग की थी। वहां के विभिन्न किसान संगठनों ने पत्र में यहां के आंदोलन को खुला समर्थन भी दिया है। लिहाजा, वहां के किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए बंगाल जाने की तैयारी है।
गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के सदस्य बलजिंदर सिंह मान ने बताया कि गर्मी को देखते हुए किसानों का मेन्यू बदला गया है। अब आंदोलन स्थल पर पकौड़े व अन्य तले हुए व्यंजनों को कम किया गया है। जबकि लस्सी, छाछ, रायता, सत्तू, शरबत, गुड़, चने व अन्य प्रकार की चीजें बढ़ाई जा रही हैं। जिससे किसान आंदोलन में डटकर सरकार की हठधर्मिता का सामना कर सकें।
मंच संचालक चौ. ओमपाल मलिक ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रोजाना यूपी गेट पर किसान बारी-बारी से अनशन पर बैठ रहे हैं। बुधवार सुबह आठ बजे से जो किसान अनशन पर बैठे, उनमें हरचरन सिंह, राजवंत सिंह, सतनाम सिंह, सुखदेव सिंह, जसविंदर सिंह बाजवा, मेलाराम मौर्श, जसपाल सिंह, बलविंदर सिंह, आजाद पाल, सुबासी लाल व कलविंदर सिंह शामिल रहे। इन सभी किसानों का अगले 24 घंटे के लिए कानूनों के विरोध में अनशन रहेगा।