हाफिजपुर थाना क्षेत्र के बुलंदशहर रोड स्थित पड़ाव पर मंगलवार को किसानों की महापंचायत होगी। जिला प्रशासन से इसकी अनुमति मिल गई है, हजारों लोगों के महापंचायत में शामिल होने की उम्मीद है। राकेश टिकैत कृषि कानूनों पर हापुड़ की धरा से निशाना साधेंगे।
पुलिस, प्रशासन सतर्क हो गया है। माहौल बिगाड़ने वालों पर खास नजर रखी जाएगी। पड़ाव पर विशाल पंडाल की व्यवस्था की गई है, कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियों बांट दी गई हैं। दिनभर गांवों में बैठकों का दौर जारी रहा।
कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन बीते चार महीने से अधिक समय से आंदोलन कर रही है। जिले से बड़ी संख्या में किसान इस आंदोलन का हिस्सा बन रहे हैं। हाईकमान से वार्ता के बाद हापुड़ में 6 अप्रैल को राकेश टिकैत की अध्यक्षता में किसान महापंचायत का कार्यक्रम तय किया गया था।
भाकियू के कार्यकर्ताओं ने पड़ाव पर महापंचायत को सफल बनाने के लिए विशाल पंडाल और मंच तैयार कराया है। करीब दस हजार लोगों के बैठने के लिए जगह का प्रबंध कर दिया है। हापुड़ समेत विभिन्न जिलों से हजारों लोगों के इसमें शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। किसानों की बड़ी संख्या को देखते हुए पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया है। एसपी ने माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
महापंचायत को लेकर जिले का एलआईयू तंत्र पूरी तरह सतर्क दिखा। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से पल पल की जानकारी करते रहे। इस दौरान कुशलपाल आर्य, रामपाल सिंह, ज्ञानेश्वर त्यागी, टेनपाल सिंह, भगतराम सिंह, गुड्डू जरौठी समेत दर्जनों कार्यकर्ता पंडाव की देखरेख में लगे रहे।
बैलगाड़ी की सवारी कर मंच तक पहुंचेंगे राकेश टिकैत
पड़ाव पर होने वाली किसान महापंचायत में राकेश टिकैत बैलगाड़ी की सवारी करते हुए मंच तक पहुंचेंगे। इसके लिए भाकियू के वरिष्ठ कार्यकर्ता टेनपाल सिंह ने पांच आकर्षक बैलगाड़ी तैयार कराई हैं। हाफिजपुर थाने के पास से राकेश टिकैत को बैलगाड़ी में बैठाया जाएगा। इस काफिले में दो ट्रैक्टर आगे चलेंगे। जिन पर ढोल नगाड़े बजते जाएंगे, इसके पीछे पहली आकर्षक बैलगाड़ी पर राकेश टिकैत रहेंगे। साथ ही चार अन्य बैलगाड़ी भी इसमें शामिल की जाएंगी। हर बैलगाड़ी में दो दो बेल जोड़े जाएंगे।
युवा वर्ग में खासा उत्साह
किसान महापंचायत में जिले का युवा वर्ग खासा उत्साह दिख रहा है। लोगों के बैठने से लेकर पानी, मंच संभालने तक की जिम्मेदारी युवा की उठा रहे हैं। वरिष्ठ और बुजुर्ग कार्यकर्ताओं से सिर्फ मार्गदर्शन ही लिया जा रहा है।