अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मासूम का अपहरण करने वाली सौतेली मां व मामा (सौतेली मां का भाई) को उम्र कैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश राकेश कुमार-7 ने अभियुक्त भाई-बहन पर पांच-पांच हजार का जुर्माना भी लगाया है।
तीन वर्षीय मासूम का अपहरण करने वाली सौतेली मां ने तलाक लेने के बाद पूर्व पति के घर पर बारिश से बचने के लिए आश्रय लिया था। सुबह घर से जाते समय महिला बच्चे को लेकर फरार हो गई थी। पूर्व पति से फोन पर बात करने के बाद एक लाख रुपये महिला के भाई को देने के बाद बच्चा वापस किया था। इसी दौरान पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील कौशिक ने बताया कि लोनी की लक्ष्मी गार्डन कॉलोनी में जैन प्रकाश जैन रहते है। उनका पहली पत्नी बसंती जैन से तलाक हो गया था। इसके बाद जैन प्रकाश ने सीता जैन के साथ दूसरा विवाह कर लिया था। एक अगस्त 2016 को वह बागपत स्थित बड़ा गांव में पूजा करने गए थे। उस समय बरसात हो रही थी, बारिश से बचने के लिए बसंती जैन उनके घर पहुंच गई और जैन प्रकाश की पत्नी सीता जैन से घर पर रुकने की विनती करने लगी।
मना करने पर बसंती ने अपना फोन से झूठा फोन मिलाकर कहा कि उसके पति ने रुकने के लिए कहा है। इसके बाद बसंती को रात में घर पर रुकने दिया। सुबह 5 बजे बसंती जैन सीता के तीन वर्षीय बेटे पूर्व को उठाकर फरार हो गई। घटना की जानकारी सीता ने पति जैन प्रकाश जैन को फोन से दी। जैन प्रकाश ने बसंती से फोन कर कहा कि वह बच्चे को लौटा दे। इसके बदले उसने 3 लाख रुपये की मांगी। बाद में एक लाख रुपये लेकर बच्चा वापस करने की बात तय हुई।
बसंती के भाई को फिरौती देने के बाद पुलिस ने बसंती व उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को मामले की अंतिम सुनवाई एडीजे 18 की कोर्ट में हुई। अदालत ने कोर्ट में पेश सबूत और गवाहों के बयान के आधार पर दोनों को दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई।