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राजनगर एक्सटेंशन के दूषित पानी से सब्जियां बर्बाद

Mon, 24 Oct 2016 12:52 AM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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खेत में भरा गंदा पानी - फोटो : अमर उजाला
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जीडीए ने राजनगर एक्सटेंशन में दर्जनों बहुमंजिली इमारतें तो खड़ी कर दीं लेकिन आज तक सीवर के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं कर पाया। सीवर के पानी को पहले जहां-तहां सड़कों पर बहा दिया जाता था, अब खेतों में छोड़ा जा रहा है। इससे मोरटी गांव में करीब 20 हेक्टेयर खेतों में लगी सब्जियों की फसल बर्बाद हो रही है।

2004 में मोरटी और नूरनगर गांव की जमीन पर राजनगर एक्सटेंशन बसना शुरू हुआ था। 2011 से आबादी बसने लगी और अब करीब पचास हजार की आबादी है। ड्रेनेज सिस्टम की जिम्मेदारी जीडीए की है। इलाका बसाने से पहले जीडीए को सीवर व नाले की व्यवस्था करनी चाहिए थी लेकिन ग्रुप हाउसिंग से ‘मुनाफा’ कमाने के दौर में सीवर दरकिनार रहा।
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सोसायटियां बसने पर सीवर का हल इस तरह निकाला गया कि हर सोसायटी में सीवर टैंक बना दिया गया। इस टैंक का पानी ट्रैक्टर से प्रतिदिन निकालकर सड़कों पर जहां-तहां बहाया जाने लगा।एक साल से दो किलोमीटर की दूरी में बरसाती नाले का निर्माण किया जा रहा है। करीब 750 मीटर की लंबाई में नाला बन भी चुका है।

इसका निर्माण तो इस उद्देश्य से शुरू किया गया था कि इससे बरसात के पानी को हिंडन में बहा दिया जाएगा। अब इसी नाले में पिछले करीब तीन हफ्ते से सीवर का पानी डाला जा रहा है। जीडी गोयनका स्कूल के सामने और मोरटी गांव के पीछे इस नाले का दूषित पानी खेतों में बह रहा है।


मोरटी गांव के प्रधान प्रदीप त्यागी ने बताया कि गांव के पीछे करीब 20 हेक्टेयर खेत में लगीं सब्जियां व ज्वार की फसलें नाले के पानी से बर्बाद हो चुकी हैं। करीब डेढ़ माह पहले लगाई गईं लौकी, गाजर, मूली, साग आदि भी नष्ट हो चुकी हैं। इस दूषित पानी में पनपने वाले मच्छर भी बीमारियां फैला रहे हैं।

किसानों ने इसकी शिकायत जीडीए अधिकारियों से कई बार की है और फसलों के नुकसान का मुआवजा मांगा है। लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला।जीडीए के अधिशासी अभियंता आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया राजनगर एक्सटेंशन में सब्जी मंडी के पास 300 मीटर की दूरी में सीवर लाइन बिछाने का काम रुका हुआ है।

यहां बिजली के खंभों को हटाने के बाद लाइन बिछा दी जाएगी, जिसे एसटीपी से कनेक्ट करने के बाद सीवर के पानी की निकासी की समस्या खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मोरटी में जमीन के कुछ टुकड़ों पर कोर्ट का स्टे होने के कारण नाला निर्माण कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पानी के निकासी की जिम्मेदारी बिल्डरों की है।
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जीडीए ओएसडी डीपी सिंह ने कहा कि सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा होते ही एसटीपी को चालू कर दिया जाएगा। एसटीपी के पानी को हिंडन नदी तक पहुंचाने में कोई भी समस्या आएगी तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा।
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