राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर लोगों को आने वाले कुछ समय में जाम के झाम से मुक्ति मिल जाएगी। शीघ्र ही यहां फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होने जा रहा है। एनसीआरटीसी ने वसुंधरा के बाद अब राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर भी फ्लाईओवर बनाने को एनओसी दे दी है। फ्लाईओवर बनने से दिल्ली-मेरठ आने जाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। भविष्य में हाईस्पीड ट्रेन इस फ्लाईओवर से सटकर गुजरेगी।
जीडीए के कार्यवाहक चीफ इंजीनियर एके गुप्ता ने बुधवार को बताया कि इस साल शुरुआत में जीडीए ने वसुंधरा रेड लाइट और राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया था।
सेतु निगम ने मिट्टी परीक्षण कर कार्य को आगे बढ़ाया था लेकिन हाईस्पीड ट्रेन के पहले से निर्धारित रूट के चलते नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण पर आपत्ति लगा दी थी। एक सप्ताह पहले एनसीआरटीसी ने वसुंधरा में फ्लाईओवर बनाने की एनओसी दे दी थी, अब राजनगर एक्सटेंशन के लिए भी एनओसी मिल गई है।
गुप्ता ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर फ्लाईओवर के डिजाइन और स्ट्रक्चर तैयार करने के लिए जल्द ही जीडीए सेतु निगम को 50 लाख की राशि जारी करेगा। उन्होंने बताया कि एक-डेढ़ महीने के बाद वसुंधरा और राजनगर एक्सटेंशन दोनों जगहों पर पिलर खडे़ करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इन्हें तैयार होने में करीब एक साल का समय लग जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित हाईस्पीड ट्रेन इस फ्लाईओवर के पास से ही गुजरेगी।