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तेवतिया पर हमले की साजिश का सूत्रधार मनोज गिरफ्तार

Thu, 08 Sep 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
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मनोज - फोटो : अमर उजाला
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भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी मनोज को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। मनोज ने स्वीकार किया है कि हमले की साजिश उसी ने रुड़की में रची थी।
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हमले के बाद मनोज ने तीन राज्यों के दस शहरों में अपने फरारी के दिन काटे। आखिरकार उसे मुरादनगर में ही धर लिया गया, जब वह अपने रिश्तेदारों से मिलने आया था। मनीष का चचेरा भाई मनोज है।

मनीष ने 17 साल पहले अपने पिता की हुई हत्या का बदला लेने के लिए यह हमला किया था।आरोपी मनोज कुमार पुत्र राजकरण निवासी महरौली गाजियाबाद है। मुरादनगर पुलिस ने मनोज को मुखबिर की सूचना पर बुधवार शाम हनुमान मंदिर बंबा रोड मुरादनगर इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मनोज के पास से 32 बोर की एक देशी पिस्टल और चार कारतूस बरामद किए हैं।
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एसपी देहात राकेश कुमार पांडे ने बताया कि मनोज बुधवार शाम अपने रिश्तेदारों से मिलने मेरठ से गाजियाबाद आया था।पुलिस पूछताछ में मनोज ने बताया कि उसने ही रुड़की में मनीष और अन्य साथियों के साथ मिलकर हमले की योजना बनाई थी लेकिन उसने मनीष से 11 अगस्त को हमला करने और खुद हथियार चलाने से मना किया था।

पर मनीष ने जब उसकी बात नहीं मानी तो वह शेखर चौधरी से हथियार दिलवाने के बाद 10 अगस्त को जयपुर चला गया था। जब उसे इस हमले का पता चला तो उसने अपने परिवार के लोगों को फोन करके घर छोड़कर भाग जाने को कहा था। इसके बाद उसने विजय बहादुर को फोन कर हमले के बाद मनीष और उसके साथियों को घटनास्थल से निकलवाने की बात की थी।

मनीष हमले के बाद ऑटो में बैठकर निकला था। इसके बाद वह विजय बहादुर की गाड़ी में बैठकर मेरठ तक गया था।   एसपी देहात ने बताया कि इस मामले में अब तब मनीष और मनोज समेत सात लोग गिरफ्तार हो चुके हैं जबकि शेखर चौधरी, संसार सिंह, विजय बहादुर, राजू बाली, शौकेंद्र विक्की और सतबीरी इस मामले में फरार चल रहे हैं।


बता दें कि 11 अगस्त की शाम भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया और उसके गनरों पर रावली रोड मुरादनगर इलाके में मनीष और उसके साथियों ने एके-47 से हमला किया था। इसमें ब्रजपाल तेवतिया और छह गनर गोली लगने से घायल हो गए थे।

शेखर से हुई थी हथियारों की डील
 मनोज ने बताया कि हमले से पहले उसकी और मनीष की शेखर चौधरी से दो लाख रुपये में हथियारों की डील हुई थी। मनोज ने बताया कि उन्होंने शेखर चौधरी को एक रायफल और दो लाख रुपये देकर बदले में 30 बोर की पिस्टल, एके-47 और दो मैगजीन आदि लिए थे।

पुलिस को चकमा देने के लिए कटवाईं मूंछें, दाढ़ी बढ़ाई
हमले से एक दिन पहले ही जयपुर गए मनोज ने हमले की खबर सुनते ही अपना वेश बदल लिया। मनोज ने जयपुर में अपनी मूंछें कटवाकर दाढ़ी बढ़ा ली थी।
यूपी, राजस्थान और उत्तराखंड में छिपा था मनोज


तेवतिया पर हमले के बाद मनोज पहले राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, अलवर में छिपा रहा। इसके बाद वह यूपी के आगरा, बनारस और इलाहाबाद में छिपा। फिर वह उत्तराखंड के देहरादून, रुद्रपुर, हरिद्वार और नैनीताल में फरारी के दिन काटे।
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 अजमेर दरगाह में चढ़ाई थी चादर: मनोज ने बताया कि इस मामले में पुलिस से बचने के लिए उसने अजमेर में मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाई थी।
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