गाजियाबाद। झमाझम बारिश के बाद कई दिनों से आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेतों में नमी बढ़ने से अब धान की रोपाई और गन्ने की फसल के विकास में तेजी आने की उम्मीद है।
किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी और सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा। मंगलवार की बरसात से अरहर, उड़द सहित अन्य दालों की बुवाई के लिए भी खेतों में पर्याप्त नमी हो गई है। किसान राजेश, संतोष, राघव, रवि और अनमोल ने बताया कि इस नमी से धान के पौधों और गन्ने की बढ़वार बेहतर होगी।
बारिश के बाद किसान अब खेतों में खाद डालने की तैयारी में जुट गए हैं। उनका मानना है कि नमी के कारण उर्वरकों का असर अधिक प्रभावी रहेगा और उत्पादन बढ़ेगा। लगातार बरसात हुई तो नलकूप और पंपिंग सेट से बार-बार सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे खेती की लागत घटेगी।
कृषि अधिकारी अमित तोमर ने बताया कि यह बरसात धान की रोपाई और गन्ने के लिए बेहद लाभकारी है। उन्होंने किसानों को जलभराव न होने देने और संतुलित मात्रा में उर्वरक प्रयोग की सलाह दी।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार पश्चिमी यूपी में मानसून सक्रिय है। 10 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश के आसार हैं। धान रोपाई के लिए मौसम अनुकूल है, लेकिन खड़ी फसल में जलनिकास का प्रबंध रखें।