पेप्सी शर्मा छह भाइयों में सबसे छोटे थे। भाई ऋषिपाल शर्मा ने बताया कि कक्षा 11 से पढ़ाई छोड़कर घर वालों से छिपकर पेप्सी शर्मा रागनी गायक पालिराम की टीम में साज बजाते थे। गांव में लगे केबल पर प्रोग्राम देखने पर परिवार को उनके रागनी कार्यक्रम की जानकारी लगी। पेप्सी शर्मा नें रागनी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई और हरियाणवी लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।
प्रसिद्ध हरियाणवी गायक सपना चौधरी के साथ लंबे समय गायन में रहे। उत्तर प्रदेश से होने के बावजूद उन्हें विशेष रूप से हरियाणवी गीतों और लोक संस्कृति से गहरा लगाव था। यही कारण रहा कि उन्होंने अपने अधिकांश गीत और प्रस्तुतियां हरियाणवी भाषा में दीं। अपनी दमदार आवाज और पारंपरिक रागनियों के कारण वे हरियाणा के लोक संगीत प्रेमियों के बीच एक लोकप्रिय नाम बन गए।