प्रशासन के साथ मिलकर काम करने वाली इस संस्था ने 10 सितंबर को दी सूची में इस वर्ष जुलाई और अगस्त में 60 युवाओं को नौकरी दिलाने और उनके काम करने का दावा किया है। सूची में शामिल युवाओं से जब संपर्क किया गया तो कई ने नौकरी मिलने से ही इन्कार कर दिया। कुछ ने बताया कि नौकरी की जानकारी दी गई, लेकिन दोबारा संपर्क नहीं हुआ, जबकि कुछ युवाओं ने नौकरी की पेशकश ठुकराने की बात कही। इसके बावजूद उनका नाम नौकरी करने वालों की सूची में दर्ज है। मामला सामने आने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने जांच शुरू करा दी है।
उनका कहना है कि सूची में शामिल सभी युवाओं से संपर्क कर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जाएगी। हेड हेल्ड हाई की प्रोजेक्ट टीम की तरफ से इस संबंध में बताया गया कि इसमें कई कॉलेज, प्लेसमेंट ऑफिस और अन्य के साथ विकेंद्रीय मॉडल है। उन्होंने बताया कि कुछ उम्मीदवार कॉलेज में हैं और उन्हें ऑफर लेटर मिला है। वह अपने परिवार की मंजूरी पर पद ग्रहण करेंगे। करीब 20 उम्मीदवारों को अभी पद ग्रहण करना है। उन्होंने बताया कि कई की नौकरी लगी है। साथ ही उनकी संस्था युवाओं के प्रशिक्षण, इंटरव्यू की तैयारी कराने के साथ प्रमाणपत्र देती है।
कोई पूछे तो कह देना नौकरी लग गई
विजयनगर के शांतिनगर निवासी मनीष बीबीए कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह एक संस्था से कंप्यूटर कोर्स कर रहे थे। इसी दौरान कंपनी के आने और नौकरी दिलाने की बात कही गई। उन्हें नोएडा की एक कंपनी में 13 हजार रुपये की नौकरी की जानकारी दी गई, लेकिन घर से दूर होने के कारण उन्होंने नौकरी लेने से मना कर दिया। मनीष के मुताबिक, इसके बाद उनसे कहा गया कि अगर कोई पूछे तो कह देना कि नौकरी मिल गई है। बीबीए कर रहे अंशु को भी नोएडा की एक कंपनी में नौकरी मिलने की जानकारी संस्था की ओर से दी गई थी। वह भी नौकरी नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनका भी कहना है कि उन्हें नौकरी मिलने की जानकारी देने के लिए कहा गया था।
मेरठ निवासी अरुण गाजियाबाद की एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी करते हैं। संस्था की सूची में उन्हें मेरठ में तैनात बताया गया है। अरुण ने बताया कि संस्था की ओर से मॉल, फूड कोर्ट और डिलीवरी बॉय जैसी नौकरियां दिलाने की बात कही जा रही थी, लेकिन उन्होंने इनमें से कोई नौकरी नहीं ली।
प्रताप विहार निवासी जतिन एमएमएच कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें एक फूड चेन के आउटलेट पर नौकरी दिलाने की बात कही गई थी, लेकिन पढ़ाई के कारण नौकरी नहीं की। इसके बावजूद संस्था की सूची में उनके नौकरी करने की जानकारी दर्ज है।
कोर्स शुरू नहीं, लग गई नौकरी
विजयनगर के भीमनगर निवासी देव बीएससी कर रहे हैं। संस्था के रिकॉर्ड में देव को एक कंपनी के फूड कोर्ट में नौकरी करते दर्शाया गया है। देव ने बताया कि संस्था से संपर्क के बाद उन्हें कंप्यूटर कोर्स करना था। यह कोर्स ही अक्तूबर में शुरू होना है। ऐसे में नौकरी लगने की बात अभी दूर है।
कुछ ने जानकारी भी दी
सूची में शामिल कुछ युवाओं ने नौकरी मिलने की पुष्टि भी की। एक युवक ने बताया कि वह गाजियाबाद की एक होम अप्लायंस कंपनी में नौकरी कर रहा है। एक युवती ने बताया कि पहले संस्था की मदद से एक कंपनी में नौकरी लगी थी, लेकिन वहां सीनियर के अभद्र व्यवहार के कारण उसने नौकरी छोड़ दी। युवती के मुताबिक, बाद में संस्था ने एक फूड कोर्ट में नौकरी लगवाई है।
विकास भवन में चल रहा है कार्यालय
हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन का कार्यालय विकास भवन में ही चल रहा है। संस्था लंबे समय से युवाओं को रोजगार से जोड़ने का दावा करती आ रही है। पूर्व में अधिकारियों की ओर से संस्था के कार्य की सराहना भी की गई थी।
मामला गंभीर है। इसकी जांच करवाई जा रही है। अगर ऐसा है तो संस्था से जवाब लिया जाएगा। नौकरी दिलवाने संबंधी सूची में शामिल सभी युवाओं से बात कर जानकारी ली जाएगी। कुमार सौरभ, मुख्य विकास अधिकारी