मनमाने तरीके से फीस वृद्धि पर जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच कमेटी के रिपोर्ट आने में भले ही अभी समय है लेकिन इससे पहले ही पब्लिक स्कूल लामबंद हो गए हैं। स्कूल फेडरेशन ने प्रशासन की जांच कमेटी को हाईकोर्ट के आदेशों के विरुद्ध बताते हुए सांकेतिक विरोध के तौर पर स्कूल बंद रखने का एलान किया है।
साथ ही स्कूल फेडरेशन के बैनर तले संचालक जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपेंगे।प्रशासनिक कमेटियों के निजी स्कूलों में जांच के लिए जाने पर स्कूल फेडरेशन की ओर से बुधवार को इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई। बैठक में प्रशासन की जांच कमेटी के विरोध में बृहस्पतिवार को जिले के सभी पब्लिक स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया।
फेडरेशन अध्यक्ष सुभाष जैन ने 2014 में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सीबीएसई से संबंधित निजी शिक्षण संस्थानों की फीस वृद्धि से जुड़े किसी मामले में हस्तक्षेप कराने का अधिकार राज्य व जिला प्रशासन को नहीं है।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने ‘टीएमए पाल एंड इस्लामिक एकेडमी एपेक्स कोर्ट’ के मामले का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट स्पष्ट कर चुकी है कि खर्च के मुताबिक निजी शिक्षण संस्थान को फीस वृद्धि का अधिकार है।
स्कूल फेडरेशन ने जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच कमेटी के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। फेडरेशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि जांच कमेटी का गठन कोर्ट के आदेशों के खिलाफ किया गया है।
अध्यक्ष सुभाष जैन ने फीस वृद्धि के विरोध में जनता की नाराजगी पर कहा कि यह कुछ लोगों की राजनीति का नतीजा है। पब्लिक स्कूलों को बेवजह परेशान करने की साजिश की जा रही है। हालांकि बैठक में डीपीएमजी स्कूल में दिव्यांग बच्ची को दाखिला न देने की निंदा की गई।
बैठक में गुलशन भांवरी, आलोक गर्ग, राकेश त्यागी, एके गुप्ता समेत 100 से अधिक स्कूलों के प्रिंसिपल और प्रबंधक मौजूद रहे।
स्कूल बंद रहे तो होगी कार्रवाई
फीस मामले की जांच कर रहे एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार का कहना है कि जांच कमेटी कोर्ट के किसी आदेश का उल्लंघन नहीं है। स्कूल फेडरेशन पदाधिकारी गलत कह रहे हैं कि राज्य या जिला प्रशासन को स्कूलों की जांच का अधिकार नहीं है। यह जांच किसी हालत में नहीं रोकी जाएगी।,
बृहस्पतिवार को यदि स्कूल बंद रहे तो उसकी भी जांच कर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।सामूहिक तौर पर बृहस्पतिवार को स्कूल बंद की खबर जब अभिभावकों तक पहुंची तो उन्होंने स्कूल फेडरेशन के इस कृत्य की निंदा की।
अभिभावक संघ ने स्कूल के इस मनमानी और जानबूझकर बच्चों की पढ़ाई बाधित कर प्रशासन की जांच को प्रभावित करने के खिलाफ एडीएम, शिक्षा निदेशक और सीएम को ज्ञापन भेजा है।
डीएम, एसएसपी से मिले अभिभावक
गाजियाबाद। स्कूलों में फीस वृद्धि के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे अभिभावक बुधवार को जिलाधिकारी से मिले। अभिभावकों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि हम लोग अभिभावकों के हित की लड़ाई लड़ रहे थे लेकिन विरोध करने वाले अभिभावकों को पूर्व एसएसपी ने मुकदमा दर्ज करा दिया।
इसी बीच डीएम ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद डीएम ने एसएसपी से बात कर अभिभावकों को उनसे मिलने के लिए भेजा। इसके बाद अभिभावकों नेएसएसपी से मिलकर अपनी बात रखी।
एसएसपी हरिनारायण सिंह ने बताया कि अभिभावकों की शिकायत पर निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जा रही है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।