स्मार्ट सिटी प्रपोजल में अब वसुंधरा और वैशाली का अधिकांश क्षेत्र भी शामिल रहेगा। एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के लिए क्षेत्र में नगर निगम ने थोड़ा बदलाव किया है। अब कौशांबी-महाराजपुर को हटाकर इसमें वसुंधरा और वैशाली को शामिल किया है।
शुक्रवार को नगर निगम और स्मार्ट सिटी की कंसलटेंट फर्म के एक्सपर्ट्स ने टीएचए के वसुंधरा-वैशाली क्षेत्र में सर्वे भी किया।दरअसल, एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के लिए क्षेत्र में बदलाव किए जाने के पीछे यहां की लोकेशन को कारण माना जा रहा है। कौशांबी एरिया में हाईराइज बिल्डिंग्स की संख्या ज्यादा है।
यहां डेवलपमेंट के लिए ज्यादा संभावनाएं नहीं हैं। ऐसे में अब वसुंधरा-वैशाली एरिया को शामिल किया गया है। स्मार्ट सिटी मिशन के सहायक नोडल अधिकारी संजय सिंह चौहान ने बताया कि वसुंधरा में सीआईएसएफ रोड से वैशाली सेक्टर-4 की मेन रोड के बीच का एरिया स्मार्ट सिटी प्रपोजल के लिए चिन्हित किया गया है।
लिंक रोड से हिंडन नदी के बीच में फैले इस एरिया में डेवलपमेंट की योजनाएं बनाई जाएंगी। चिन्हित किए गए नए एरिया पर जल्द ही सहमति की अंतिम मुहर लग जाएगी।नगर निगम और कंसलटेंट फर्म ने यह नया क्षेत्र इसलिए चिह्नित किया है कि इस क्षेत्र में ओपन स्पेस भी काफी है। कई बड़े पार्क और चौड़ी सड़कें हैं।
यहां ओपन स्पेस में कोई बड़ी योजना लाई जा सकती है। पार्कों में मनोरंजन साइट्स और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम डेवलप किया जा सकता है। पहले चयनित किए गए क्षेत्र कौशांबी और महाराजपुर में ऐसी योजनाओं के लिए जगह की कमी है।
गाजियाबाद का स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार करने के लिए अब कंसलटेंट फर्म केपीएमजी के एक्सपर्ट्स की वह टीम आएगी, जिसने वाराणसी का प्रपोजल बनाया था। स्मार्ट सिटी मिशन के दूसरे चरण में वाराणसी का नाम सफल शहरों की सूची में शामिल हो गया था।
हालांकि इसी फर्म की ओर से गाजियाबाद का प्रपोजल भी तैयार किया गया था, लेकिन गाजियाबाद का नाम स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल नहीं हो पाया था। ऐसे में अब वाराणसी का स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार करने वाली टीम गाजियाबाद आएगी।