गाजियाबाद। कैलाश मानसरोवर यात्रा विश्राम स्थल के लिए शासन स्तर पर तैयारियां शुरू हुई तो मेयर और निगम अफसर भी इसमें देरी नहीं करना चाहते। यूपी सरकार से मंजूरी मिली तो विश्राम स्थल के लिए जमीन सांस्कृतिक विभाग को ट्रांसफर करने के लिए बोर्ड बैठक का इंतजार नहीं किया जाएगा।
बाई सर्कुलर इस प्रस्ताव पर पार्षदों से सहमति ली जाएगी। दरअसल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने चिह्नित जमीन के निरीक्षण के दौरान कहा है कि अगर इस स्थल पर कैलाश मानसरोवर यात्रा विश्राम स्थल बनाया जाएगा तो जमीन हस्तांतरित करनी होगी।
नगर निगम एक्ट के मुताबिक सरकारी जमीन को किसी भी दूसरे विभाग को ट्रांसफर करने से पहले निगम बोर्ड की मंजूरी लेना आवश्यक है। यानी बोर्ड बैठक का इंतजार किया तो प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
ऐसे में महापौर अशु वर्मा और नगरायुक्त अब्दुल समद ने कहा कि जमीन ट्रांसफर करने के लिए पार्षदों से बाई सर्कुलर मंजूरी ली जा सकती है। इस प्रक्रिया के तहत एक प्रस्ताव बनाकर पार्षदों के घर भेजा जाएगा और उनसे सहमति ली जाएगी।
वहीं प्रमुख सचिव के निर्देश मिलते ही नगरायुक्त अब्दुल समद ने कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण के लिए जमीन निशुल्क उपलब्ध कराने के संबंध में डीएम को पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि निगम बोर्ड से प्रस्ताव स्वीकृती के बाद जमीन ट्रांसफर करने की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। अब डीएम इस पत्र को प्रमुख सचिव को भेजेंगी। दो दिन पहले डीएम ने निगम को पत्र भेजकर जमीन की उपलब्धता की जानकारी मांगी थी।