दिल्ली पुलिस कमिश्नर के नाम पर चल रही डग्गामार बस
गाजियाबाद। निजी स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहाल खतरे में हैं। डग्गामार बसें खुलेआम बच्चों को ढो रही हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बड़ी बात यह है कि एक डग्गामार मिनी बस नेहरू नगर के प्रतिष्ठित स्कूल के बच्चों को लाने ले जाने का काम कर रही है। यह बस दिल्ली कमिश्नर ऑफ पुलिस के नाम से संचालित है। इस तरह की तमाम बसें संचालित हो रही हैं, जो बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
शुक्रवार सुबह नेहरू नगर स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल के बच्चों को मिनी बस लेकर आ रही थी। साढ़े सात बजे बस स्कूल के सामने रुकी और बच्चों को उतारने लगी। डग्गामार मिनी बस का एक फोटो अभिभावक ने शेयर किया। बस के नंबर के आधार पर पड़ताल की तो सारा सच सामने आ गया। यह बस दिल्ली कमिश्नर ऑफ पुलिस के नाम है। आठ नवंबर 2007 में मिनी बस खरीदी गई थी। छह सितंबर 2009 के बाद गाड़ी की कोई फिटनेस नहीं हुई है, तभी से गाड़ी ऐसे ही दौड़ रही है। बड़ी बात यह है कि दिल्ली पुलिस ऑफ कमिश्नर के नाम बस होने के बाद वह गाजियाबाद में कैसे दौड़ रही है। बस को नीलामी में भी खरीदा गया है तो उसे वाहन को अपने नाम करा लेना चाहिए था। बिना फिटनेस और बीमा के कोई भी वाहन सड़कों पर संचालित नहीं हो सकता है। यह वाहन तो खुलेआम बीच शहर में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। इस गाड़ी से कोई हादसा हो जाता है तो कौन जिम्मेदार होगा ? अभिभावकों ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया है।
सड़कों पर दौड़ रही डग्गामार बसें
शहर के अंदर सैकड़ों की संख्या में डग्गामार बसें दौड़ रही हैं। पिछले दिनों डग्गामार बसों से हादसे भी हो चुके हैं। शासन ने आदेश जारी किया था कि बिना फिटनेस और परमिट के कोई भी बस संचालित नहीं होनी चाहिए। 10 साल पुराने डीजल के वाहन भी संचालित नहीं हो सकते हैं। मिनी बस 12 वर्ष से ज्यादा पुरानी हो गई है। इस स्थिति में भी यह सड़कों पर नहीं दौड़ सकती है।
परिवहन विभाग ने नहीं की कार्रवाई
परिवहन विभाग के अधिकारी भी स्कूल बसों की तरफ से आंखे बंद कर बैठे हुए हैं। एक दो दिन अभियान चलाकर खानापूर्ति कर ली गई। जिले के अंदर कई विद्यालय ऐसे हैं, जिनकी बसें बिना फिटनेस केदौड़ रही हैं। पिछले दिनों कुछ स्कूलों की परमिट निरस्त करने की चेतावनी दी गई थी। उसके बाद भी स्कूलों ने फिटनेस नहीं कराई है। शहर के अंदर विद्यालय खुलने और बंद होने के दौरान यह बसें सड़कों पर दिखाई दे जाएंगी।
कोट
डग्गामार बसों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। स्कूलों को चेतावनी भी जारी की गई हैं। कोई पुरानी बसों को न चलाए। इस तरह की बसें सड़कों पर चलती दिखाई देती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसा करने वाले विद्यालय संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विश्वजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन