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सरकार की यह योजना बोर्ड परीक्षा में सरकारी स्कूलों का रिजल्ट सुधारेगी

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amar ujala - फोटो : amar ujala
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सरकार की यह योजना बोर्ड परीक्षा में सरकारी स्कूलों का रिजल्ट सुधारेगी
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बुलंदशहर। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद बोर्ड परीक्षा से पूर्व राजकीय विद्यालयों का रिजल्ट भी सुधरवाने की कवायद में जुट गया है। इस वर्ष हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम में अधिक ‘मेधावी’ राजकीय कॉलेज के हो, इसके लिए प्री-बोर्ड परीक्षा के जरिए उनकी काबिलियत को परखा जाएगा। परीक्षा प्रयोगात्मक परीक्षाओं से पूर्व आयोजित होंगी। जो विभाग द्वारा सीबीएसई व आइसीएसई के तर्ज पर आयोजित कराई जाएगी।
अभी तक बोर्ड परीक्षा से पूर्व सीबीएसई और आइसीएसई के छात्र-छात्रओं की प्री-बोर्ड परीक्षाएं आयोजित होती हैं। परीक्षा से करीब एक माह पूर्व परीक्षार्थियों की काबिलियत को जांचने का काम बोर्ड करता है। इसका मकसद परीक्षा से पूर्व कमजोर छात्र-छात्रओं को चिह्नित करना होता है। लगातार यूपी बोर्ड के रिजल्ट में पिछड़ रहे राजकीय कॉलेज के लिए गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रक्रिया अपनाई है। फरवरी में बोर्ड परीक्षा के शुरू होने से पूर्व परिषद द्वारा प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएंगी। राजकीय हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कॉलेज में यह परीक्षाएं आयोजित होंगी। साथ ही परीक्षाएं मॉडल प्रश्न पत्र के आधार पर आयोजित होंगी। इससे परीक्षार्थियों की मेहनत को परखते हुए बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र पैटर्न को समझा जा सके।
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जिला विद्यालय निरीक्षक आरके तिवारी ने बताया कि बोर्ड के आदेशानुसार प्री-बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसमें कॉपियों का मूल्यांकन शिक्षकों द्वारा बोर्ड परीक्षा की तरह ही किया जाएगा। एक सप्ताह में परीक्षा खत्म होने के बाद ही मूल्यांकन शुरू होगा। परीक्षा परिणाम विभाग द्वारा परिषद को भेज दिया जाएगा। जहां से निर्धारित अंकों के आधार पर परीक्षार्थियों की श्रेणी तय होगी। प्रत्येक स्कूल और कॉलेज से कमजोर परीक्षार्थी को चिह्नित करते हुए अतिरिक्त कक्षाओं की मदद से उन्हें बेहतर बनाने के प्रयास होंगे।
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