गाजियाबाद। एमएमएच काॅलेज की प्रबंध समिति ने प्राचार्य के पद से बुधवार को डाॅ. पीयूष चौहान को निलंबित कर दिया। समिति ने इसकी वजह उनके खिलाफ दर्ज हुए उस केस को बताया है जिसमें उन पर काॅलेज के सहायक लेखाकार अनुज उपाध्याय पर हमला करने का आरोप है। समिति का कहना है कि गोपनीय जांच में इसकी पुष्टि हुई है कि हमला डाॅ. पीयूष चौहान ने ही कराया था। उन्हें इस मामले में पुलिस ने थाने से ही जमानत दे दी थी।
समिति की सचिव अभिनव कृष्णा ने बताया कि डाॅ. पीयूष चौहान पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। पद पर रहते हुए किसी भी अपराधिक घटना में शामिल पाया जाना ही कार्रवाई का मुख्य आधार बना है। उन्हें नोटिस जारी किया जा चुका है। इसका जवाब उन्हें 20 दिन के भीतर देना होगा। उन पर वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप लगे हैं।
निलंबन की कार्रवाई की रिपोर्ट विश्वविद्यालय के उप कुलपति को दे दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनको निर्वहन भत्ते दिए जाएंगे और वह पुस्कालय में उपस्थित रहेंगे। यूनिवर्सिटी कर्मचारी संघ मामले में डाॅ. पीयूष चौहान को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन करते आ रहा था। उन्होंने 23 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने और आंदोलन करने की चेतावनी दी थी।
डाॅ. संजय बने कार्यवाहक प्राचार्य
सचिव ने बताया कि फिलहाल इतिहास विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर संजय सिंह को कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त किया गया है। पीयूष चौहान को तत्काल पद छोड़ने और संजय सिंह को तत्काल पद ग्रहण करने के आदेश दिए गए हैं। पीयूष चौहान ने प्राचार्य पद की जिम्मेदारी 25 अक्तूबर 2021 को संभाली थी। इससे पहले वह आगरा के आगरा काॅलेज में तैनात थे।
25 हजार में दिया था हमले का ठेका
15 जुलाई को सहायक लेखाकार अनुज उपाध्याय पर जानलेवा हमला हुआ था। इसमें तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों ने पुलिस को बताया कि कॉलेज के ही कर्मचारी रविंद्र और सोनवीर ने उनको प्राचार्य से मिलाया था। प्राचार्य ने 25 हजार रुपये में अनुज उपाध्याय का घुटना तोड़ने और पिटाई करने का उनको ठेका दिया था। इस मामले में सभी लोग अब जमानत पर बाहर हैं। पुलिस की जांच में पाया गया कि अनुज उपाध्याय प्राचार्य की फाइल पर आपत्ति लगाकर रोक देते थे। प्राचार्य के कहने पर भी उनके बिल पास नहीं किए गए। इससे गुस्से में आकर उन्होंने हमला कराया।