अवैध कालोनियों पर रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार अब शिकंजा कसने की तैयारी में है। खेती की जमीन की रजिस्ट्री पर जल्द ही रोक लगाई जा सकती है। यही नहीं अवैध कालोनी बसाने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
आवास एवं शहरी नियोजन मंत्री की बैठक में अवैध निर्माण को रोकने पर मंथन हुआ तो जीडीए अधिकारियों ने उन्हें रजिस्ट्री पर रोक लगाने का सुझाव दिया है। प्रदेश सरकार अवैध निर्माण और अवैध कालोनियों को लेकर कितनी गंभीर है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके लिए अलग टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया गया है।
इससे पहले लखनऊ में जीडीए के अधिकारियों की बैठक में आवास एवं शहरी नियोजन राज्यमंत्री सुरेश पासी ने भी इस पर लंबी चर्चा की थी। उन्होंने जीडीए अधिकारियों से पूछा था कि अवैध कालोनियों और निर्माण पर कैसे रोक लगाई जाए।
जीडीए के प्रभारी वीसी ने बताया कि अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए खेतों में प्लाट की रजिस्ट्री पर रोक लगाने का सुझाव दिया गया है। उम्मीद है कि शासन की ओर से इस पर जल्द ही कोई गाइड लाइन या शासनादेश जारी हो सकता है। अवैध कालोनी बसाने वालों पर एफआईआर दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
इससे पहले भी कच्ची कालोनियों में रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई थी। जीडीए ने खसरा नंबर भी जारी किए थे जिनमें अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही थी। बाद में स्टांप विभाग के अधिकारियों ने ही इसका विरोध कर दिया। उनका तर्क था कि रजिस्ट्री पर रोक लगने से राजस्व वसूली घट गई है। इसके बाद फिर से रजिस्ट्री शुरू हो गई थी। अब सरकार की सख्ती के चलते फिर से रजिस्ट्री पर रोक लग सकती है।