शहर क्षेत्र के बहरामपुर में तालाब की जमीन पर पावर स्टेशन बनाने का माला अब खटाई में पड़ता दिख रहा है। पावर कारपोरेशन ने एनजीटी में आरोपी बनने की बजाय दूसरे स्थान पर जमीन देने की मांग करनी शुरू कर दी है। लोगों की जरूरत के हिसाब से लाइनपार क्षेत्र में बहरामपुर में पावर स्टेशन बनना जरूरी है, लेकिन विवादित जमीन पर बनाने को कारपोरेशन तैयार नहीं है।
नगर क्षेत्र के वार्ड छह के बहरामपुर में तालाब की जमीन है। लोगों ने तालाब की जमीन पर पावर स्टेशन बनाने का आरोप पावर स्टेशन पर लगाया है। तालाब में मिट्टी भरकर इसको पावर स्टेशन के लिए तैयार किया जा रहा है। ऐसे में गांव से बाहर निकलने वाला पानी रुक गया है। बहरामपुर केमुख्य मार्गों पर जलभराव होेना शुरू हो गया है। इससे बरसात में हालात और खराब हो जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण संस्था के प्रतिनिधि विनोद यादव ने तालाब की जमीन पर बनने वाले पावर स्टेशन का विरोध करना शुरू कर दिया है। मामला अब एनजीटी तक पहुंच गया है। इसकेचलते पावर कारपोरेशन ने विवादों से बचने का निर्णय लिया है।
एसई एसबी यादव ने बताया कि लोगों की बिजली जरूरतों को पूरा करने केलिए यहां पावर स्टेशन का निर्माण होना जरूरी है। इसके लिए ग्रामीणों या नगर निगम को निशुल्क जमीन उपलब्ध करानी होगी। विवादित जमीन पर पावर स्टेशन नहीं बनाया जाएगा। तालाब की जमीन पर तो किसी हालत में नहीं। इसकेलिए अब डीएम से मुलाकात कर आसपास में और जमीन मांगी जाएगी।