खोड़ा। नवनीत विहार कॉलोनी में सील किए गए मदरसों पर अब विद्युत निगम ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पंजीकरण समेत अन्य अनियमितताओं के आरोप में सीलिंग के बाद निगम अधिकारियों ने जांच की तो पाया कि बिजली कनेक्शन भी श्रेणी के अनुसार नहीं लिए गए हैं। अब निगम की ओर से उनके कनेक्शन काटते हुए 60 और 72 हजार का जुर्माना लगाया है। साथ ही कनेक्शन देने वाले अधिकारियों की भी जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, 28 मई को ईद के दिन खोड़ा के नवनीत विहार में सूर्या की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। हालांकि हत्या के बाद आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया था। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने खोड़ा में अपराधियों के खिलाफ सत्यापन अभियान चलाया तो मदरसे भी अवैध तरीके से संचालित होते पाए गए। निगम की प्रारंभिक जांच में मदरसा रहमानिया का संचालन फरवरी 2018 और मेहंदी हसन मदरसे का मार्च 2024 में शुरू हुआ था। करीब आठ वर्षों से संचालित मदरसों के बिजली कनेक्शन घरेलू श्रेणी (एलएमवी-1) व व्यावसायिक श्रेणी (एलएमवी-2) में दिए गए थे। नियमानुसार शैक्षणिक व संस्थागत गतिविधियों के लिए एलएमवी-4 श्रेणी का विद्युत कनेक्शन होना चाहिए। इससे निगम को राजस्व का नुकसान हुआ है। बिना सत्यापन और स्थल निरीक्षण में एलएमवी-1, 2 श्रेणी में जारी कर दिए गए थे। अब मदरसा रहमानिया पर 60 हजार और मेहंदी हसन पर 72 हजार रुपये तक का जुर्माना निर्धारित किया गया है। जुर्माना जमा होने और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कनेक्शनों की श्रेणी को सही किया जाएगा।
ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता अखिलेश सिंह का कहना है कि दोनों मदरसे के कनेक्शन काट दिए गए हैं। अगर दोबारा मदरसे चालू कराए जाते हैं तो जुर्माना वसूलने के बाद श्रेणी में संशोधन करते हुए ही कनेक्शन जोड़े जाएंगे। कनेक्शन देने वाले संबंधित अधिकारी से भी जवाब मांगा जाएगा।