गाजियाबाद। नेशनल हाईवे-9 पर हुई कैश वैन लूट की जांच आगे बढ़ने के साथ ही इंडिया वन कंपनी की गंभीर लापरवाही भी सामने आने लगी है। नवयुग मार्केट स्थित बैंक से 90 लाख रुपये लेकर निकली कैश वैन से रास्ते में कितनी रकम निकाली गई, इसका स्पष्ट ब्योरा कंपनी अब तक पुलिस को नहीं दे सकी है।
पुलिस टीमों ने नवयुग मार्केट से नेशनल हाईवे-9 तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। जांच में यह भी सामने आया है कि कैश वैन से एक निजी व्यक्ति को रकम दी गई, जबकि नियमानुसार कैश वैन में मौजूद धनराशि केवल एटीएम भरने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
पुलिस ने घटनास्थल से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) तक करीब डेढ़ हजार मोबाइल फोन नंबरों का बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) डाटा खंगाला है। भोजपुर कट, मोदीनगर, मुरादनगर और कांवड़ मार्ग के सीसीटीवी फुटेज भी जांच के दायरे में हैं। बदमाशों की तलाश में पुलिस टीमें मुजफ्फरनगर और बदायूं में डेरा डाले हुए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पांचों बदमाशों की पहचान कर ली गई है, लेकिन वे मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और वास्तविक पहचान से दूरी बनाकर पुलिस को चकमा दे रहे हैं।
सुरक्षा मानकों का हुआ उल्लंघन
गृह मंत्रालय और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, कैश वैन में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए। वैन बख्तरबंद जरूर थी, लेकिन उसमें केवल एक सुरक्षाकर्मी तैनात था। जांच में सामने आया कि हाईवे पर वैन खड़ी कर दो कैशियर और सुरक्षाकर्मी करीब 100 मीटर दूर एटीएम में दो लाख रुपये भरने चले गए। नियम कहते हैं कि चालक, सुरक्षाकर्मी और कैशियर को हर समय वैन के आसपास ही रहना चाहिए। नियमों के मुताबिक, जिस स्थान पर वैन के लिए सुरक्षित पहुंच न हो, वहां एटीएम नहीं खोला जा सकता। इसके अलावा कैश वैन में लगे सीसीटीवी कैमरे की लोकेशन तकनीकी रूप से खराब मिली। पैनिक बटन और अलार्म सिस्टम भी काम नहीं कर रहे थे। ऐसे में पुलिस अब कंपनी पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।