गाजियाबाद। कमिश्नरेट पुलिस ने आमजन सेवा में पारदर्शिता, समयबद्धता और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के लिए जिले में सिटीजन चार्टर लागू किया है। जिले के समस्त थाना परिसर, हवालात और कार्यालयों में सीसीटीवी लगाए गए हैं। तमाम एसीपी कोर्ट में सुनवाई पर भी निगरानी होगी।
बेवजह थाना पुलिस लोगों को हवालात में या थाने में नहीं बैठा पाएगी। इसके लिए डीसीपी सिटी धवल जायसवाल, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी और ट्रांस हिंडन डीसीपी निमिष पाटील के कार्यालयों में सीसीटीवी के कमांड एंड कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि तीनों जोन के समस्त थानों पर 68 व एसीपी कोर्ट में 18 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कमांड एंड कंट्रोल रूम से पुलिस सेवाओं जैसे पासपोर्ट सत्यापन, चरित्र प्रमाण पत्र आदि पर निगरानी रखी जाएगी। पुलिस अधिकारियों के पास कैमरों की फुटेज होगी।
जनपद के सभी थानों की हवालात, कार्यालय और थाना परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की फुटेज संबंधित थाने के जोनल डीसीपी कार्यालय में बनाए गए कमांड एंड कंट्रोल रूम में होगी। 24 घंटे की निगरानी के लिए तीन-तीन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई हैं।
पुलिसकर्मी थाने में हो रही गतिविधि पर निगाह रखेंगे और कोई भी गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे डीसीपी की जानकारी में मामला डालेंगे। पुलिस की एसीपी कोर्ट में भी कैमरे लगाए गए हैं। इससे एसीपी कोर्ट में पेशी पर आए लोगों का उत्पीड़न भी रुकेगा और दलालों की पहचान होगी। उन्होंने बताया कि इसका फीडबैक भी लिया जाएगा।
पुलिस आयुक्त की फीडबैक सेल ने एक महीने में 27 हजार लोगों से बात की है। उनसे पासपोर्ट, किराएदार, चरित्र प्रमाण पत्र के लिए वेरिफिकेशन करने आए पुलिसकर्मी का व्यवहार और रुपये लेने संबंधी प्रश्न पूछे गए। 14 फीडबैक नकारात्मक पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। फीडबैक सेल से पुलिस और आम नागरिकों में समन्वय स्थापित होगा।