एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र सिंह ने बताया कि करीब 31 साल पहले अपने घर से संदिग्ध परिस्थिति में निकले राजू को परिवार को सुपुर्द कर दिया। एसीपी ने बताया कि खोड़ा थाने पर महिला और कुछ लोग पहुंचे। उन्होंने राजू को अपना बताया। लेकिन राजू परिवार के सदस्यों को पहचान नहीं पा रहा था। इसके बाद राजू के पिता को फोन करके बुलाया। परिवार के सभी सदस्यों ने राजू को पहचान लिया था।