साहिबाबाद। दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद भी मंगलवार को ट्रांस हिंडन जोन के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पुलिसिंग नजर नहीं आई। इस जोन में एक रेलवे स्टेशन, एक रैपिड स्टेशन, आठ मेट्रो स्टेशन और दो बस अड्डे समेत कई बड़े मॉल शामिल हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में महिलाएं अकेले व अपने परिवार के साथ पहुंचती हैं।
साहिबाबाद नमो भारत रैपिड स्टेशन, वैशाली मेट्रो स्टेशन, कौशांबी मेट्रो स्टेशन, राजेंद्र नगर, मोहन नगर समेत कुल आठ स्टेशनों पर इंदिरापुरम व साहिबाबाद के मॉल, बस अड्डे और नेशनल हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था का जांची गई। इस दौरान सार्वजनिक स्थलों पर विशेष पुलिसिंग या अलग से निगरानी व्यवस्था नजर नहीं आई। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ हालिया अपराधों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने संवेदनशील क्षेत्रों का सर्वे, जिला स्तर पर संवेदनशीलता मानचित्र तैयार करने, पुलिस गश्त बढ़ाने और सीसीटीवी और लाइटिंग का ऑडिट कराने को कहा है। वहीं, डीसीपी ऋजुल का कहना है कि सभी स्थानों पर गश्त बढ़ा दी है। शाम से रात तक पीवीआर प्रमुख स्थानों के बाहर ही खड़ी रहती हैं।