फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गाजियाबाद में तीन लुटेरों को पुलिस ने पकड़ा: मोबाइल और अवैध हथियार बरामद, लूट का सामान भी जब्त

Wed, 02 Sep 2026 05:41 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद में मसूरी पुलिस ने चेकिंग के दौरान तीन शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल, दो अवैध तमंचे और कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस ने एक चोरी की मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गाजियाबाद में मसूरी पुलिस ने चेकिंग के दौरान तीन शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल, दो अवैध तमंचे और कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस ने एक चोरी की मोटरसाइकिल भी जब्त की है। पकड़े गए बदमाशों की पहचान सूबे (28) पुत्र रामेश्वर के रूप में हुई। वह बड़का आरिफपुर, मसूरी का निवासी है। विशाल (27) पुत्र पदमसिंह जलालपुर रोड, मुरादनगर का रहने वाला है। आकाश (25) पुत्र सुन्दर कुम्हारों वाली गली, मुरादनगर का निवासी है। एसीपी मसूरी सुनील कुमार के अनुसार पुलिस टीम 1 सितंबर मंगलवार शाम नाहल झाल गंगनहर पटरी पर चेकिंग कर रही थी। मुखबिर ने सूचना दी कि 29 अगस्त की मोबाइल लूट में शामिल आरोपी चितौड़ा पुल की तरफ आ रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर बाइक सवार तीनों युवकों को रोक लिया। भागने की कोशिश कर रहे तीनों को पुलिस टीम ने मौके पर ही दबोच लिया।

विज्ञापन


बरामदगी और पहचान
सूबे की तलाशी में एक अवैध 315 बोर का तमंचा और कारतूस मिला। विशाल से एक 12 बोर का अवैध तमंचा और दो कारतूस बरामद हुए। आकाश की तलाशी में लूटा हुआ वीवो मोबाइल फोन मिला। घटना में इस्तेमाल स्पलेंडर बाइक के वैध दस्तावेज नहीं थे। जांच में पाया गया कि बाइक गौतमबुद्ध नगर के ओमप्रकाश की है।

लूट की वारदात और कानूनी कार्रवाई
आरोपियों ने राहगीरों से मोबाइल छीनने और लूट की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया। वे अपनी सुरक्षा और डराने-धमकाने के लिए तमंचे रखते थे। 29 अगस्त की रात चितौड़ा पुल के पास वसीम और सालिम से तमंचे के बल पर मोबाइल लूटा गया था। आरोपी लूटे गए वीवो मोबाइल को बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने उन्हें बीएनएस की धारा 317(2), 3(5) और 3/25 आर्म्स एक्ट में चालान किया। फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक का चालान धारा 207 एमवी एक्ट में भी हुआ। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें