27 मार्च को उन्होंने एक खरगोश (फीमेल) सिटी फॉरेस्ट में केयर टेकर संजय को रखने के लिए दिया था। कागजी कार्रवाई के बारे में संजय ने मना कर दिया। 17 अप्रैल को उन्होंने खरगोश देखा और चली गईं। मई माह में वह वापस आईं और सिटी फॉरेस्ट में संजय से खरगोश मांगा तो उसने गायब होने की जानकारी दी। इस पर उनकी तबीयत बिगड़ गई।
उनका कहना था कि वह खरगोश को बच्चे की तरह पालती हैं। उन्होंने संजय समेत तीन स्टाफ पर खरगोश चोरी होने का शक जाहिर किया। 25 मई को साहिबाबाद पुलिस को संजय, रसूली और छोटे के खिलाफ खरगोश चोरी की शिकायत दी। पुलिस ने खरगोश तलाशने का आश्वासन देकर तीन दिन तक सिटी फॉरेस्ट के कोने-कोने में निगरानी की लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
दिलचस्प बात है कि सिटी फॉरेस्ट में सात दिन तक खरगोश को तलाशने का सर्च ऑपरेशन चला। सोमवार रात करीब 1.30 बजे पुलिस को खरगोश पकड़ने में सफलता मिली। महिला ने खरगोश की पहचान की है। सात दिन में उसने दो बच्चों को भी जन्म दिया है। साहिबाबाद थाना प्रभारी नागेंद्र चौबे का कहना है कि महिला को खरगोश और उसके बच्चे सुपुर्द कर दिए गए हैं।