लोनी। गनौली गांव निवासी दूध कारोबारी ओंकार उर्फ ओमन को गायब हुए 40 घंटे से अधिक हो गए हैं। पुलिस की टीमें अभी तक उसका पता नहीं कर पाई हैं। घटना में लापरवाही बरतने पर अधिकारियों ने लोनी कोतवाली प्रभारी और चिरोड़ी पुलिस चौकी प्रभारी को हटा दिया है। पुलिस ने इस मामले में 10 दिन बाद शनिवार रात चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
शनिवार को भारी हंगामे के बाद रविवार सुबह से ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस घटना को लेकर रविवार को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजकरण नय्यर और डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी भी चिरोड़ी गांव पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बात की और जल्द मामले के खुलासे का आश्वासन दिया है। मामले में लापरवाही बरतने पर लोनी थाना प्रभारी मुकेश सोलंकी और चिरोड़ी चौकी प्रभारी को हटा दिया है। उनके खिलाफ जांच शुरू की जा सकती है। ओंकार के परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से ही पुलिस अधिकारियों ने लापरवाही बरती है। भतीजे ओमप्रकाश ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए मामले को ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र से लोनी थाने में ट्रांसफर किया है। मामले में लोनी थाना प्रभारी को निलंबित करना महज अपनी गर्दन बचाना है। इस मामले में ओमन के भाई सुरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि शनिवार सुबह करीब 6.50 बजे भाई ओमकार गनौली से लोनी भैंसों के लिए सूखा चारा लेने जा रहे थे। लोनी जाते समय खडखडी रेलवे अंडरपास के घुमाव के पास गौरव पुत्र विजेंद्र, सौरभ उर्फ भोला, गोपाल, मोहित निवासी गनौली गांव, गौरव निवासी बादलपुर गौतमबुद्धनगर ने कार में आकर ओंकार को कई गोली मारीं। गोली मारने के बाद ओंकार को अपहरण करके गाडी में जबरन डालकर ले गए। एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर गौरव, सौरभ उर्फ भोला, गोपाल,गौरव, मोहित समेत अन्य के खिलाफ लोनी थाने में अपहरण, गोली मारने समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसीपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें काम कर रही हैंए लेकिन अभी तक सुराग हाथ नहीं लगे हैं। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
आक्रोशित लोगों ने जाम की सड़क
ओंकार को अपने साथ ले जाने के विरोध में शनिवार को पुलिस की कार्यशैली से नाराज परिजन और ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए अंडरपास समेत बंथला चिरोड़ी मार्ग पर जाम लगाया था। पुलिस उपायुक्त ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी मौके और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केशव कुमार ने लोगों समझा बुझाकर शांत कराया था। दिन भर अधिकारी लोगों को समझाते रहे। रविवार को भी लोगों के चिरोड़ी गांव मार्ग पर आकर जाम लगाने की आशंका पर पुलिस बल तैनात रहा। दिन भर अधिकारी परिवार के लोगों से बात करते रहे।
थाना प्रभारी को मोहरा बनाया : लोनी विधायक
लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर रविवार सुबह डेयरी संचालक के घर पहुंचे। इस दौरान विधायक ने कहा कि लोनी थाना प्रभारी को मोहरा बनाया गया है। विधायक ने बताया कि लेखपाल ने उन्हें पत्र देकर घटना स्थल को ट्रॉनिका सिटी थानाक्षेत्र के पाबी सदकपुर में होना बताया है। बावजूद अधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए लोनी थाना प्रभारी को निलंबित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामले में निष्पक्ष है। इसकी शिकायत माननीय मुख्यमंत्री से की जाएगी।
मेरठ और वेव सिटी में दिखी गाड़ी
पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद जिस कार से हमलावर आए थे। वह कार बागपत के गांव के अंदर से होकर मेरठ की तरफ गई है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों से कार का पीछा किया है। अभी तक 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है। मेरठ से वापस कार गाजियाबाद के वेव सिटी की तरफ आती हुई दिखाई दी है। पुलिस ने संभावना जताई है कि कार में चार लोग बैठे हुए हैं। वहीं आरोपियों ने ओंकार का फोन नहर के पास फेंक दिया है। आखरी लोकेशन नहर के पास आई है। जिस कार का इस्तेमाल हुआ, उस कार में नंबर भी सही नहीं हैं। नंबर बदले हैं, जिससे कार ट्रेस न हो सके। नोएडा में रहने वाला गौरव का आपराधिक इतिहास है।
10 दिन बाद हुई प्राथमिकी
ओंकार के गायब होने की घटना से 10 दिन पहले आरोपियों का कारोबारी के बेटे देवाश का झगड़ा हुआ था। देवाश की हत्या की कोशिश की थी। इस मामले में 20 मई को लोनी थाना पुलिस को शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया कि देवाश शाम को अपने घर से जिम जाने के लिए निकला था। कोतबालपुर मोड पर उसे गाडी लगाकर रोका और जान से मारने की कोशिश की गई। कार सवारों सौरभ (भोला), गोपाल, मोहित और कुछ अज्ञात व्यक्ति ने हथियार से उन पर हमला किया। वह अपना बचाव करके भागा। इस मामले में पुलिस ने शनिवार को लोनी थाने में सौरभ उर्फ भोला, गोपाल और मोहित कुछ अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।