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Ghaziabad News: बैरिकेड गिरते ही बरस पड़ीं पुलिस की लाठियां

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कार्यकर्ताओं को लाठी मारकर भगाते पुलिसकर्मी। - फोटो : संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गाजियाबाद। डासना के देवी मंदिर के पास दूधिया पीपली में युवाओं के जत्थे ने बैरिकेड गिराने की कोशिश की। दूसरी ओर खड़े पुलिसवालों ने बैरिकेड को न गिरने देने के लिए पूरी ताकत लगा दी। युवाओं का जत्था पुलिसवालों पर भारी पड़ा और बैरिकेड गिर गए। बस फिर क्या था, पूरा जत्था मंदिर की ओर भागने लगा। यह देख पुलिस ने लाठी भांजना शुरू कर दिया। भागते युवकों पर भी पुलिस की लाठियां बरसीं।
भागते समय जो गिर गए, उन्हें भी लाठियां झेलनी पड़ीं। पुलिस ने घेराबंदी करके एक भी युवक को मंदिर तक नहीं पहुंचने दिया। यह घटना दोपहर 12 बजे हुई। इसके बाद किसी ने भी मंदिर में घुसने के लिए पुलिस से उलझने की कोशिश नहीं की। पुलिस ने मंदिर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना रखा था। इसे कोई पार नहीं कर पाया। इसके लिए तैयारियां शनिवार से ही शुरू कर दी गई थीं।
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मंदिर के आसपास छह कंपनी पीएसी और 251 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) तैनात की गई थीं। मंदिर समिति ने प्रेस नोट जारी करके कहा है कि पुलिस ने इतनी सख्ती दिखाई कि मंदिर के अंदर साउंड सिस्टम, खाने का सामान, दरी और चादरें भी नहीं जाने दीं। शांतिपूर्वक पंचायत में जा रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया गया है।
जो लोग शनिवार की शाम तक मंदिर में पहुंच गए, वे अंदर ही रहे। इनके अलावा किसी ओर को प्रवेश नहीं करने दिया। रविवार की सुबह से ही लोग आने शुरू हो गए लेकिन, पुलिस का घेरा नहीं तोड़ सके। साधु-संतों ने पुलिसवालों से सवाल किया कि उन्हें क्यों रोका जा रहा। पुलिस ने कहा, महापंचायत की अनुमति नहीं है, किसी को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। सुबह आठ बजे मंदिर के आसपास के लोग पहुंचे। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। दोपहर तक कुल 70 लोग गाड़ी में बिठाकर पुलिस लाइन भेजे गए।



सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक हंगामा
सुबह 8.00 बजे : आसपास के लोग डासना के देवी मंदिर पहुंचे, पुलिस ने प्रवेश द्वार से पहले ही रोककर हिरासत में ले लिया।
8:30 बजे : साधु-संतों को रोका गया, उन्होंने आपत्ति जताई और कहा, पुलिस जहां रोके, वहीं पंचायत करें।

10 बजे मंदिर की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर युवाओं की भीड़ नजर आई। पुलिस ने बैरिकेड से आगे नहीं बढ़ने दिया।

11 बजे दूधिया पीपल पर लोग जमा होने शुरू हो गए। पुलिसकर्मी बैरिकेड के एक और खड़े हो गए।

दोपहर
12 बजे युवाओं के जत्थे ने बैरिकेड पलट दिए। पुलिस ने लाठी भांजकर उनको खदेड़ दिया।
-11:30 पर करीब 100 लोग इकटठा हो गया तो उन्होंने बेरिकेड पलट दी

-11.30 पर ईएनटी विशेषज्ञ डाॅ. बीपी त्यागी एंबुलेंस से दवा लेकर पहुंचे। पुलिस ने उनको भी मंदिर में नहीं जाने दिया।

-11.35 पर विधायक नंदकिशोर गुर्जर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। पुलिस ने उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया।

दोपहर

-12 बजे एनएच-9 विधायक और उनके साथ आए लोग बैठ गए और पंचायत करने लगे। ट्रैफिक जाम हो गया।

- दो बजे पुलिस अधिकारियों ने पंचायत में शामिल लोगों से बात की। इसके बाद हाईवे से लोग हटना शुरू हुए।
तीन बजे पंचायत में आए लोग हाईवे से हट गए, लेकिन ट्रैफिक जाम नहीं खुला। वाहन रेंगकर ही चलते रहे।


जेहादियों को फांसी की सजा दी जाए : नंद किशोर
गाजियाबाद। लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने हाईवे पर की गई पंचायत के बारे निर्णय के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, जिन लोगों ने चार अक्तूबर की रात डासना के देवी मंदिर पर हमला किया, उन पर रासुका के तहत कार्रवाई की जाए। उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाए जाएं। दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।
इस मामले में पूर्व विधायक भी शामिल है। उसे गिरफ्तार किया जाए। यह भी मांग रखी गई कि लव जिहाद, थूक जिहाद समेत किसी भी प्रकार का जिहाद करने वाले लोगों के खिलाफ भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चले। उन्हें फांसी की सजा दी जाए।
यति नरसिंहानंद के समर्थन में जिन लोगों ने प्रदर्शन किया, उनके खिलाफ दर्ज केस वापस लेने के लिए शासन के अफसरों ने हां कर दी, लेकिन स्थानीय अफसर नहीं मान रहे। स्थानीय अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। कांग्रेस और आम आदमी की सरकार के दौरान दिल्ली में आकर बसे 10 करोड़ रोहिंग्या और बंग्लादेशियों को बाहर किया जाए।



मंदिर समिति ने रखीं छह मांगें
डासना के देवी मंदिर में मंदिर समिति के लोगों ने बैठक कर छह मांगे रखीं। इसके बारे में यति नरसिंहानंद ट्रस्ट की महासचिव डाॅ. उदिता त्यागी ने बताया कि पहली मांग यह है कि महामंडलेश्वर ने जो बयान दिया है, उसकी जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायधीश की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया जाए। हिंदुओं को आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिए जाएं। खतरे को देखते हुए यति नरसिंहानंद को सुरक्षा दी जाए। मंदिर पर हमला करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। फैक्ट चेकर जुबेर पर दर्ज मामले में भी कड़ी कार्रवाई हो। मंदिर पर हमला करने वालों में किशोर भी थे। ऐसे लोगों को सजा देने के लिए कानून में संशोधन किया जाए।
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योगी जी, क्या तुम्हारी सत्ता में यहीं होगा
यति नरसिंहानंद सरस्वती न तो मंदिर में दिखे और न ही वह महापंचायत में आए। व्हाट्सएप पर उन्होंने कहा कि वह ज्यादा बातचीत नहीं कर सकते। उनको नजरबंद किया हुआ है। हालांकि, उन्होंने अपने एक्स पर गाजियाबाद पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए एक वीडियो साझा किया। लिखा कि जो काम कोई नहीं कर रहा, वह काम गाजियाबाद पुलिस कर रही है। एक साधु को गाजियाबाद पुलिस गाली दे रही है। क्या आपकी सत्ता में यही होगा?

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