साहिबाबाद। इंदिरापुरम के प्रॉपर्टी डीलर राकेश वार्ष्णेय को पार्टनर राजू उपाध्याय ने तीन साथियों के साथ मिलकर अगवा कर मौत के घाट उतार दिया। शालीमार गार्डन पुलिस ने दर्ज केस में चारों पर अपहरण के साथ हत्या की धारा भी जोड़ दी है। पुलिस ने मृतक के कपड़े, जूते और पर्स के अलावा सीसीटीवी फुटेज को भी साक्ष्य बनाया है।
एसीपी शालीमार गार्डन सिद्धार्थ गौतम का कहना है कि प्रॉपर्टी डीलर के पार्टनर राजू उपाध्याय निवासी यमुना विहार दिल्ली उसके दोस्त अनुज गर्ग निवासी ब्रह्मपुरी दिल्ली और गांधीनगर के एंबुलेंस चालक कृष्ण अग्रवाल के साथ बुलंदशहर के कोतवाली देहात स्थित जैनपुर निवासी हरीश शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। मृतक की पत्नी ममता वार्ष्णेय ने 30 मई को राजू उपाध्याय के खिलाफ अपहरण का केस कराया था। जांच पड़ताल में अपहरण के बाद हत्या कर शव गंगनहर में फेंकने की बात सामने आई थी जिसमें अनुज गर्ग, एंबुलेंस चालक कृष्णा अग्रवाल और निजी केयर होम के नर्सिंग स्टाफ हरीश शर्मा की भी मुख्य भूमिका मिली थी। पुलिस का दावा है कि घटना में चारों आरोपियों ने योजना बनाकर काम किया। एसीपी का कहना है कि सबूत, तथ्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना में शामिल सभी आरोपियों पर अपहरण के साथ हत्या की धारा भी लगाई गई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को शुक्रवार को प्रेस वार्ता के बाद ही कोर्ट में भेज दिया था। उनका कहना है कि यदि केस के सिलसिले में वादी ममता वार्ष्णेय से और भी तथ्य और सबूत सामने आएंगे तो उन्हें जांच पड़ताल करके घटना में शामिल किया जाएगा।
28 फरवरी को पार्टनर ने कर दी थी योजना के तहत हत्या
गौरतलब है कि इंदिरापुरम के नीतिखंड निवासी प्रॉपर्टी डीलर राकेश बरसाने को उनके पार्टनर राजू उपाध्याय ने 28 फरवरी को ही अगवा कर लिया था। वह घर से अधिवक्ता दीपक के साथ डीसीपी ट्रांस हिंडन कार्यालय गए थे। वहां से कड़कड़डूमा कोर्ट जाने के बाद रास्ते में उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। देर रात में दिलशाद गार्डन स्थित ऑफिस में शराब में कीटनाशक दवाई मिलकर पिला दी। फिर आरोपी हरीश ने एनेस्थीसिया की छह डोज लगाकर उन्हें गंगनहर में फेंककर हत्या कर दी थी। पत्नी ममता ने शालीमार गार्डन थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।