गाजियाबाद। जिला पंचायत राज विभाग की तरफ से पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट पिछले आठ नौ महीनों से बनकर तैयार है लेकिन अभी तक इसको शुरू नहीं किया जा सका है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत डासना में 16 लाख की लागत से यह यूनिट बनकर तैयार हुई है।
आचार संहिता हटने के बाद इसके उद्घाटन की तैयारी थी लेकिन अब उसमें डासना नगर पंचायत का कूड़ा एकत्र है। अधिकारियों का कहना है जब तक कूड़ा वहां से निस्तारित नहीं होगा तब तक इसको संचालित नहीं किया जा सकेगा। स्वच्छ भारत मिशन ओडीएफ प्लस के दूसरे चरण में सभी ग्रामीण क्षेत्रों में सॉलिड-लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए यूनिट लगाए जाने थे इसी के क्रम में डासना में एक यूनिट बनकर तैयार हो चुका है।
इसके भवन के निर्माण में 16 लाख की लागत आई है इसके अलावा ग्राम निधि से उसके उपकरण, बिजली कनेक्शन में भी लगभग 10-15 लाख की लागत लगी है। लगभग 30 लाख का यह यूनिट बेकार पड़ा है।
इस यूनिट में चारों ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों से जितना भी प्लास्टिक का कूड़ा जितना निकलेगा इस यूनिट पर उनको रिसाइकल करने की योजना है। इससे सड़कें और फर्नीचर बनाने के काम लाया जाएगा। जिला पंचायती राज अधिकारी प्रदीप द्विवेदी ने बताया कि इस यूनिट का कार्य पूरा हो चुका है। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट सहित एक कचार निस्तारण के लिए एक और अलग यूनिट भी बनी है।
फिलहाल नगर पंचायत का कूड़ा वहां एकत्र हो रहा है। नगर पंचायत को जब डंपिंग ग्राउंड के लिए स्थान मिल जाएगा तो डंपिंग ग्राउंड वहां स्थानांतरित हो जाएगा। इसके बाद इस यूनिट को शुरू कर दिया जाएगा।