दूसरे दिन हिंडन एयरपोर्ट के आसपास सुरक्षा का घेरा और कड़ा कर दिया गया। मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग लगा दिए गए हैं। यहां सेना के राइफलधारी जवान मुस्तैदी के साथ खड़े हैं। बताया गया है कि शेख हसीना अपनी बहन रिहाना के साथ जिस सेफ हाउस में ठहरी हैं, उसके बाहर और कड़ी सुरक्षा है। वायुसेना के गरुण कमांडो को भी सुरक्षा में लगया गया है।
इतना ही नहीं, सुरक्षा के लिहाज से आसमान से भी नजर रखी जा रही है। दिनभर एयरफोर्स स्टेशन के ऊपर हेलीकाॅप्टर उड़ते नजर आए। दोपहर को 11 बजे दिल्ली की तरफ से काले रंग की दो गाड़ियां एयरबेस के अंदर गईं। बताया गया कि उसमें बांग्लादेश दूतावास के अधिकारी थे लेकिन कोई भी अधिकारी इस बारे में कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है। दो घंटे बाद एक बजे दोनों गाड़ियां बाहर आ गईं और दिल्ली की ओर रवाना हो गईं।
शेख हसीना को लेकर आया बांग्लादेश वायुसेना के विमान में हिंडन एयरबेस में ही ईंधन भरा गया। इसके बाद विमान का तकनीकी मुआयना हुआ। हरी झंडी मिलने के बाद विमान बांग्लादेश के लिए रवाना कर दिया गया।