ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहित की गई भूमि के एक समान मुआवजे की मांग को लेकर मंगलवार को किसानों की पंचायत हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि 27 जुलाई तक मांग पूरी न हुई तो किसान 28 जुलाई को एक्सप्रेस वे की सभी साइडों का काम बंद करा देंगे।
पंचायत में बागपत, मेरठ, गौतमबुद्धनगर के किसानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विकास संघर्ष समिति के तत्वाधान में मंगलवार को पाइप लाइन मार्ग स्थित भीकनपुर गांव चौराहे पर किसानों की विशाल पंचायत हुई।
इसमें किसान नेता सतपाल चौधरी ने कहा कि किसान जब तक एकजुट होकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का काम नहीं रोकेंगे तब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी। मुरादनगर के किसानों ने पहले भी लंबे आंदोलन लड़कर अपने हक की लड़ाई जीती हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन किसानों के सब्र की परीक्षा न ले। पूर्व विधायक सुरेंद्र मुन्नी ने कहा कि अब समय आ गया है कि किसानों को अपने हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़नी होगी। इसके लिए भले ही क्यों न उन्हें दिल्ली कूच करना पड़े।
रालोद नेता अमरजीत सिंह बिड्डी ने कहा कि प्रभावित किसानों को एक समान मुआवजा मिलना चाहिए। बागपत के चेयरमैन कृष्णपाल सिंह ने कहा कि वे एक समान मुआवजा लेकर ही रहेंगे।
विकास संघर्ष समिति के सचिव सलेक ने बताया कि पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि 27 जुलाई तक किसानों की एक समान मुआवजे की मांग पूरी नहीं हुई तो 28 जुलाई को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की सभी साइडों का काम रोक दिया जाएगा।
पंचायत की अध्यक्षता आजाद प्रमुख और संचालन दिनेश त्यागी ने किया। पंचायत में वंदना चौधरी, अजय प्रमुख, अमित त्यागी सरना, सुधीर त्यागी, संजीव त्यागी, बोबी त्यागी, संजीव चौधरी, ढिंडार, रमेशचंद त्यागी, राजबीर त्यागी, केडी त्यागी, दिनेश चौधरी समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।