हम इधर फंसे हैं.. बचा लो
विस्फोट की तेज आवाज जिसने सुनी वह घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा। जबकि कुछ लोग घटनास्थल के पास जान बचाकर भागे। लोगों को लगा कि किसी ने बम फेंक दिया है। आस-पास धुआं ही धुआं दिखाई देने लगा। लोग जैसे ही घटनास्थल पर पहुंचे तो अंदर मलबे में दबे लोगों की आवाजें आ रही थीं, हम इधर कमरे वाली साइड में फंसे हैं, बचा लो नहीं तो मर जाएंगे।
कुछ देर आवाजें आईं और बंद हो गईं
कई बार आवाज आईं और कुछ ही देर में आवाज आना बंद हो गईं। वहां मौजूद लोगों का कहना है कि पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गया, लेकिन घटनास्थल पर जेसीबी करीब 9:30 बजे पहुंची। लोगों ने आरोप लगाया कि सही समय पर जेसीबी पहुंच जाती तो परिवार के छह लोगों की जान नहीं जाती।
जो घटनास्थल पहुंचा... उसकी आंखें नम हो गईं
घटनास्थल पर जो पहुंचा, उसकी आंखें नम थीं और वह भगवान से एक ही प्रार्थना कर रहे थे कि किसी तरह से अंदर फंसे लोगों की जान बच जाए। इतना ही नहीं लोगों ने अपने हाथों से मिट्टी को हटाना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने फावड़े से मिट्टी खोदनी शुरू कर दी, लेकिन लिंटर को कोई नहीं हिला पाया। काफी संख्या में लोगों ने उसे भी हटाने की कोशिश की।
चित्कार के बीच अपनों को तलाशते रहे लोग
घटना की सूचना के बाद जैसे ही रिश्तेदार घटनास्थल पर पहुंचे तो चित्कार के साथ अपने लोगों को तलाशने लगे। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें ढांढ़स बंधाया। जिन लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, उनके हाल जानने के लिए रिश्तेदार पहुंचे।
घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा पूरा शहर
सिकंदराबाद में जैसे ही लोगों को घटना के बारे में जानकारी हुई, वैसे ही लोग उधर की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने भाई-चारे का संदेश भी दिया। मौके पर मौजूद लोग जिस तरह से मदद कर पा रहे थे, वह कर रहे थे। हर व्यक्ति लोगों को निकालने के लिए भी कोशिश करता दिखा। वहां मौजूद लोगों ने कहा कि घटनास्थल से पूरे शहर में आवाज पहुंच गई। ऐसा लगा किसी ने बम फेंक दिया हो।