फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Earthquake: जब हिलने लगा पंखा... खड़खड़ाने लगी आलमारी, पता चला भूकंप आ गया; प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

Mon, 17 Feb 2025 11:22 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद (साहिबाबाद)

सार

लोगों ने बताया कि कंपन्न महसूस होते ही दरवाजा खोलकर बाहर आ गए। देखा कि ज्यादातर लोग बाहर आ गए थे। सभी जब तक नीचे आए तब तक भूकंप के झटके समाप्त हो चुके थे लेकिन घर के अंदर जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी।
विज्ञापन
भूकंप आने पर फ्लैट से बाहर निकले गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी के निवासी - फोटो : जागरूक पाठक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मैं सो रहा था। तभी झटका लगा। आंख खुली तो देखा बिस्तर के ठीक ऊपर लगा पंखा हिल रहा है। समझने में देर नहीं लगी कि भूकंप आया है। यह काफी तेज था। रसोई में बर्तन आपस में टकरा रहे थे। इनकी आवाज साफ सुनाई दे रही थी। अलमारी भी अपनी जगह से हिल गई। मैं डर के मारे बिस्तर से उतरा और कमरे से बाहर आ गया... यह कहना है गोविंदपुरम के सचिन का। 

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि वह दरवाजा खोलकर बाहर आ गए। देखा कि ज्यादातर लोग बाहर आ गए थे। सभी जब तक नीचे आए तब तक भूकंप के झटके समाप्त हो चुके थे लेकिन घर के अंदर जाने की हिम्मत नहीं हो रही थी। राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर सोसायटी निवासी अनुजा बसंल ने बताया कि बच्चे कमरे में पढ़ रहे थे। वह उठ चुकी थीं। ब्रेकफास्ट बनाने की तैयारी में थीं, तभी लगा कि सबकुछ हिल रहा है। बच्चों ने भी कहा कि भूकंप आ गया है। सभी लोग घर के बाहर आ गए। नीचे जाने पर काफी लोग खड़े मिले। भूकंप के झटकों के बारे में चर्चा हो रही थी।

कीर्ति पाहवा ने कहा कि झटके काफी तेज थे। कुछ ही सेकंड में लगा कि बिल्डिंग गिर जाएगी। लोग घबरा गए। सिद्धार्थ विहार निवासी एनके नेगी ने बताया कि जब भूकंप आया तो ऐसे लगा कि हिलते हुए ट्रेन चल रही है। कुछ लोग लिफ्ट तो कुछ लोग सीढि़यों से नीचे की ओर भागे। राजनगर एक्सटेंशन निवासी विक्रांत का कहना है कि उन्हें तो पता ही नहीं चला। सुबह टीवी में देखने के बाद पता चला कि भूकंप आया था।

मैदान में आकर खड़े हो गए लोग
नीतिखंड -1 में लोग घरों से बाहर सोसायटी परिसर में आकर खड़े हो गए। स्थानीय निवासी विवेक ने बताया कि कुछ लोग अपनी बालकनी में थे तो कुछ नीचे टहलने के लिए उतरे थे। भूकंप के झटके महसूस हुए तो सभी लोग एकजुट होकर मैदान में खड़े हो गए।

वैशाली सेक्टर-2 बी निवासी सुनील वैद्य ने बताया कि वह सुबह करीब 05.34 पर जग गए थे और अपने बेड पर बेठे हुए कुछ ही मिनट बाद उन्हें कंपन महसूस हुआ। सुनील वैद्य ने बताया कि उन्हें लगा जैसे 4-5 लोग बेड खिसका रहें हैं। ऊपर लगा पंखा भी हिल गया यह सब देखते ही वह समझ गए कि भूकंप आया है और परिवार के सभी सदस्यों को जगाया और बाहर निकल आए। वहीं शालीमार गार्डन निवासी जुगल किशोर ने बताया कि वह भी जगे हुए थे और टहलने के लिए सीढ़ियों से उतर रहे थे तभी उन्हें कंपन महसूस हुआ तो वह सीढ़ी पर बैठ गए और झटके रुकने के बाद बाहर सड़क पर उतर आए। यहां और भी लोग भूकंप के झटके महसूस कर सड़क पर उतरे हुए थे।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
  • मकान की दीवार या छत में कोई दरार हो तो उसे ठीक करा लें।
  • भारी वस्तुओं को आलमारी या रैक के निचले खानों में रखें।
  • फोटो फ्रेम, शीशा, दीवार घड़ी, झूमर को सोने व बैठने के स्थान से दूर रखें।
  • घर के आस-पास खुले स्थान की पहचान कर सबको जानकारी दें।
  • इमरजेंसी किट तैयार रखें। भूकंप आने के दौरान धैर्य रखें।
विज्ञापन

  • पुराने या जर्जर मकान में हैं तो तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर जाएं।
  • बिजली के मेन स्विच, गैस के रेगुलेटर तुरंत बंद कर दें।
  • दिव्यांग, वृद्ध, बच्चों व गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
  • बहुमंजिली इमारतों से बाहर निकलने के लिए लिफ्ट का प्रयोग न करें।
  • भूंकप आने के बाद क्षतिग्रस्त घर में प्रवेश न करें।
  • प्रकाश के लिए टार्च या इमरजेंसी लाइट का ही प्रयोग करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें