जीवन में पहली बार देखा इतना भयावह मंजर
शाद मोहम्मद ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ वह गाड़ी में बैठे थे। अचानक तेज रोशनी के साथ किसी चीज की जोरदार टक्कर लगी और हम लोगों की आंखें बंद हो गई। आंख खुली तो गाड़ी में जोरदार टक्कर लग चुकी थी। कई लोग गाड़ी से उछलकर दूर जाकर गिरे थे। कई साथी सड़क पर शांत पड़े थे, जबकि कई लोग चिल्ला रहे थे। शांत पड़े बच्चे और बड़ी उम्र के चार लोग ईद के त्योहार के साथ ही दुनिया भी छोड़ चुके थे। ऐसा भयावह मंजर 32 साल की उम्र में पहली बार देखा।
हादसे के बाद नहीं मिले रुपये
रुबी ने बताया कि भट्ठे पर दिन-रात मेहनत करके 35 हजार रुपये बचाए थे। सोचा था त्योहार मनाने के बाद घर के बाहर टीन शेड लगवा दूंगी। हादसे में चोट तो लगी, रुपयों का भी नहीं पता चला कि कहां गिर गए। उन्होंने बताया कि पति और बेटा भी घायल है। अस्पताल वाले कुछ बता नहीं रहे हैं कि क्या स्थिति है। कुछ लोग बता रहे हैं कि दिल्ली भेज दिया है। अल्लाह से दुआ है कि दोनों सही-सलामत हों।