टीएचए के लोग ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। नगर निगम की तरफ से मुख्य सड़कों पर अलाव जलाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। जबकि अब तक करीब एक दर्जन जगहों पर अलाव जलने शुरू हो जाने चाहिए थे।
नगर निगम की तरफ से हर साल 15 दिसंबर तक एक दर्जन से अधिक जगहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जाती है। इस बार ऐसा नहीं हुआ है। तापमान में तेजी से गिरावट हो रही है, इसके बावजूद नगर निगम ने किसी भी जगह पर अभी तक लकड़ियां नहीं पहुंचाई है।
लोग जगह जगह पर खुद आग जलाने के इंतजाम कर रहे हैं। अवर अभियंता संजय गंगवार ने बताया कि अलाव जलाने के लिए लकड़ियां का इंतजाम किया जा रहा है। कुछ दिनों में सभी जगह पर लकड़ियां पहुंच जाएंगी।
आश्रय स्थल पर भी नहीं अलाव के इंतजाम
नगर निगम ने करीब आधा दर्जन जगहों पर अस्थाई आश्रय स्थल का निर्माण किया है। जिसमें सोने के लिए रजाई गद्दे आदि की व्यवस्था है। मोहन नगर, साहिबाबाद रेलवे स्टेशन, महाराजपुर, ज्ञानी बॉर्डर, भोपुरा बॉर्डर आदि जगहों पर अस्थाई आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इन जगहों पर भी अलाव का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। इनमें रुकने वाले लोग आसपास से लकड़ी इकट्ठा करके अलाव जला रहे हैं।
क्या कहते हैं मेयर
मेयर आशु वर्मा का कहना है कि नगर निगम ने सर्दी को देखते हुए 30 जगहाें पर अलाव की व्यवस्था की है। जहां अलाव नहीं जल रहे हैं, वहां जल्द ही व्यवस्था कराई जाएगी। निगम अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं।