सुख और समृद्धि के लिए दीपावली के दिन कमल पर विराजमान माता लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा के दौरान इस बात का खास ख्याल रखें कि किसी तरह का शोर न हो। बेहद सादगी और शांत माहौल में पूजा करें। पंडित विष्णु दत्त बताते हैं कि लोगों में भ्रांति है कि उल्लू पर विराजमान मां लक्ष्मी की पूजा से विशेष समृद्धि आती है। यह महज एक भ्रांति है।
उल्लू पर विराजमान मां लक्ष्मी की पूजा से अर्जित आय व्यसनों पर खर्च होती है। शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र के संचालक शिव कुमार शर्मा ने बताया कि मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को शंख और घंटी की आवाज बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। सादगी और पूरी शांति से माता की पूजा से लाभ मिलता है।
लक्ष्मी पूजन का पूरा विधान और मंत्र ऋगवेद में वर्णित है। ऋगवेद के मुताबिक विशेष कृपा पाने के लिए कमल पुष्प पर विराजमान मां लक्ष्मी की पूजा सिरस के पत्ते से करना चाहिए।
शुभ मुहूर्त
- सुबह 5:34 से 7: 54 बजे तक तुला लग्न है। इस समय में लक्ष्मी पूजन से शुभ योग मिलेगा।
- सुबह 9:18 से दोपहर 12:05 बजे तक अमृत की चौघड़िया लाभ का मुहूर्त है। व्यापारी लोग इस मुहूर्त में दुकानों की पूजा कर सकते हैं।
- सुबह 10:12 से 12:15 बजे तक धनु लग्न रहेगा, जिसके गुरु बृहस्पति हैं। धन-धान्य और संपन्नता के लिए इस मुहूर्त में भी पूजा करना शुभ रहेगा।
- दोपहर 1:28 से 2:52 बजे तक शुभ का चौघड़िया है, जो लोग सुबह के मुहूर्त में पूजा नहीं कर पाएंगे, उनके लिए यह मुहूर्त भी विशेष है।
- दोपहर 3:26 से शाम 4:30 बजे तक मीन लग्न है। इसके भी स्वामी बृहस्पति हैं। यह मुहूर्त भी पूजा के लिए उत्तम है।
- शाम 6:27 से रात 8:23 तक वृष लग्न है, जिसमें लक्ष्मी पूजन घर और दुकानों में किया जाएगा। इसी दौरान शाम 7:02 से अमृत की चौघड़िया भी लग जाएगी जो 8:50 तक रहेगी, इस समय तक लक्ष्मी पूजन किया जाना उत्तम रहेगा।