फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad: होम्योपैथी की ओर मरीजों का बढ़ा भरोसा, लगातार हो रहा इजाफा; चिकित्सकों और स्टाफ की कमी है चुनौती

Thu, 09 Apr 2026 10:46 PM IST
Akash Dubey माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद

सार

जिले के लोगों का होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रति झुकाव बढ़ा है। बीते एक वर्ष में करीब 1.66 लाख मरीजों ने उपचार लिया, जिनमें 90 फीसदी ठीक हुए। यह बिना साइड इफेक्ट के राहत देती है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का झुकाव लगातार बढ़ रहा है। बीते एक वर्ष में करीब 1,66,639 मरीजों ने होम्योपैथिक उपचार का सहारा लिया है। इनमें लगभग 90 प्रतिशत मरीजों के ठीक होने का दावा किया जा रहा है। पिछले चार वर्षों में मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। लोगों को इस पद्धति के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर वर्ष 10 अप्रैल को विश्व होम्योपैथिक दिवस मनाया जाता है, जिसका असर भी अब साफ दिखाई देने लगा है। चिकित्सकों समेत अन्य स्टाफ की कमी मरीजों के इलाज में बड़ी चुनौती बन रही है।

विज्ञापन


जिला होम्योपैथिक अस्पताल की चिकित्सक पुष्पेंद्र चौधरी का कहना है कि होम्योपैथी में मरीजों को बिना साइड इफेक्ट के लंबे समय तक राहत मिलती है। यही कारण है कि अब लोग एलोपैथिक इलाज के साथ-साथ होम्योपैथिक दवाओं की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। खासतौर पर माइग्रेन, पलकों में सूजन, बाल झड़ना, पुराना जुकाम, पुराना निमोनिया, गठिया, त्वचा रोग, स्त्री रोग और साइटिका जैसी समस्याओं के मरीज अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी यह पद्धति सहायक मानी जा रही है। कोरोना काल के बाद लोगों में प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को लेकर जागरूकता बढ़ी है, जिससे इस उपचार की मांग और बढ़ गई है।

जिले में वर्तमान में 15 स्थानों पर होम्योपैथी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें जिला एमएमजी अस्पताल, प्रताप विहार, विजय नगर, वैशाली, असलातपुर, लोनी, निवाड़ी, मुरादनगर, दुहाई, सूराना, सैदपुर हुसैनपुर, राजनगर और मोदीनगर शामिल हैं। इन केंद्रों पर मरीजों को नियमित रूप से उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला अस्पताल में अकेले सर्दी, खांसी और जुकाम के 600 मरीज, फेफड़ों में जकड़न के 500 मरीज और पथरी के 560 मरीजों ने इलाज कराया।
विज्ञापन


जिला अस्पताल में सबसे अधिक मरीज पहुंचे
मरीजों की संख्या के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते एक साल में जिला अस्पताल में सबसे अधिक 37073 मरीज पहुंचे। इसके अलावा मुरादनगर में 22964, दुहाई में 13615 और राजनगर में 11453 मरीजों ने उपचार लिया। इन सभी 15 केंद्रों पर रोजाना औसतन 100 से 250 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जबकि शुरुआती दौर में यह संख्या केवल 20 से 30 मरीज प्रतिदिन हुआ करती थी।

एक दिन छोड़कर तीसरे दिन बैठ रहे डॉक्टर
बढ़ती मांग के बीच चिकित्सकों और स्टाफ की कमी एक बड़ी समस्या बनकर उभर रही है। कई केंद्रों पर पर्याप्त डॉक्टर और फार्मासिस्ट उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। जिला अस्पताल में भी ओपीडी के दौरान भारी भीड़ के चलते व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। स्थिति यह है कि डॉक्टरों को एक दिन छोड़कर मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है। जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ. पंकज त्यागी का कहना है कि इस समस्या को लेकर शासन को अवगत करा दिया गया है। जल्द समाधान की उम्मीद की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें