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Ghaziabad News: इलाज कराने आते हैं, कहीं बीमारी लेकर न लौटें मरीज

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विश्व रोगी सुरक्षा दिवस आज:
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आशुतोष यादव
गाजियाबाद। मरीज बीमारी का इलाज कराने अस्पताल पहुंचता है, लेकिन उपचार के दौरान दवा, जांच, ऑपरेशन और संक्रमण से जुड़ी छोटी सी चूक उसकी परेशानी बढ़ा सकती है। गलत दवा या गलत मात्रा, मरीज की पहचान में गलती, अस्पताल में संक्रमण और ऑपरेशन के दौरान होने वाली चूक रोगी की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं। गलत इलाज और मरीज की देखभाल में लापरवाही संबंधित 54 शिकायतों की जांच सीएमओ कार्यालय में चल रही है। तीन अलग-अलग अस्पतालों में मरीजों के इलाज में लापरवाही की पुष्टि होने पर सीएमओ ने जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए अवगत कराया है।

विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों को जागरूक किया जाता है कि सुरक्षित इलाज के लिए चिकित्सक और मरीज दोनों की सतर्कता जरूरी है। अस्पतालों में मरीज की पहचान से लेकर दवा देने, ऑपरेशन से पहले जांच और ऑपरेशन थिएटर को संक्रमण मुक्त रखने तक हर स्तर पर निगरानी की जरूरत है। क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. अरविंद डोगरा का कहना है कि अस्पताल में दवा देने से पहले मरीज का नाम, बीमारी और दवा की पुष्टि की जानी चाहिए। ऑपरेशन से पहले मरीज की पहचान, ऑपरेशन वाले अंग और आवश्यक जांच की दोबारा पुष्टि जरूरी है।
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आईएमए के प्रवक्ता डॉ. नवनीत वर्मा का कहना है कि अस्पताल में हाथों की स्वच्छता, उपकरणों की सही तरीके से सफाई और ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि मरीज के परिजन भी चिकित्सक को पहले से चल रही दवाओं, एलर्जी और पुरानी बीमारी की जानकारी दें। इससे गलत दवा देने का खतरा कम किया जा सकता है। सीएमओ डॉ. सचिन चंद्र वैश्य का कहना है कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की जाती है। चिकित्सकीय उपकरणों की सफाई, दवाओं की उपलब्धता और उनकी अवधि, संक्रमण नियंत्रण तथा मरीजों की पहचान की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए जाते हैं।




रोगी सुरक्षा के लिए इन पर ध्यान देना जरूरी
मरीज की सही पहचान:
इलाज या दवा देने से पहले मरीज का नाम और अन्य पहचान संबंधी जानकारी की पुष्टि हो।
दवा की दोबारा जांच:
मरीज को दवा देने से पहले नाम, मात्रा, समय और दवा की अवधि की जांच की जाए
एलर्जी की जानकारी :
मरीज को किसी दवा से एलर्जी है तो चिकित्सक और अस्पताल के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी जाए
हाथों की स्वच्छता:
चिकित्सक, कर्मचारी और परिजन मरीज को छूने से पहले और बाद में हाथ साफ करें
ऑपरेशन से पहले पुष्टि:
ऑपरेशन से पहले मरीज, ऑपरेशन और संबंधित अंग की दोबारा पुष्टि की जाए
ओटी में संक्रमण नियंत्रण:
ऑपरेशन थिएटर की सफाई, उपकरणों का संक्रमणमुक्त होना और निर्धारित मानकों का पालन होना चाहिए
जांच रिपोर्ट का सही मिलान:
मरीज की जांच रिपोर्ट उसी मरीज के रिकॉर्ड से मिलाकर देखी जाए और महत्वपूर्ण रिपोर्ट चिकित्सक तक पहुंचाई जाए
दवा का रिकॉर्ड:
मरीज पहले से कौन सी दवाएं ले रहा है इसकी जानकारी उपचार कर रहे चिकित्सक को दी जाए
गिरने से बचाव:
कमजोर, बुजुर्ग और गंभीर मरीजों के लिए बिस्तर के आसपास सुरक्षित व्यवस्था रखी जाए
जरूरी जानकारी: मरीज और परिजन की भागीदारी उपचार से संबंधित जरूरी जानकारी समझें। दवा या प्रक्रिया को लेकर कोई संदेह होने पर चिकित्सक से तुरंत पूछें

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