झांसी-कानपुर रेलवे सेक्शन पर पुखराया स्टेशन के पास हुए रेल हादसे का असर गाजियाबाद में तो नहीं हुआ, लेकिन यात्री यहां भी परेशान रहे। यात्रियों को चिंता थी कि कही हादसे की वजह से दिल्ली-कानपुर रूट बाधित न हो गया हो। इसके चलते दिन भर पूछताछ काउंटर पर भीड़ रही। लोग फोन पर भी पूछताछ करते रहे।
दरअसल, गाजियाबाद-कानपुर रूट 11 नवंबर से ही बाधित चल रहा है। कानपुर में गंगा पुल की मेंटेनेंस के चलते इस रूट की कई ट्रेनों को मुरादाबाद रूट पर डायवर्ट कर रखा है, वहीं गोमती एक्सप्रेस 27 दिन के लिए रद्द है। ऐसे में रविवार को लोगों को जैसे ही कानपुर के पास रेल हादसा होने की खबर लगी उनकी चिंता और बढ़ गई।
गाजियाबाद से अलीगढ़, कानपुर, गोरखपुर, बिहार रूट की ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री सुबह से ही स्टेशन पर पहुंचने शुरू हो गए थे। पूछताछ काउंटर पर रविवार को ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा रही जो ट्रेनों के टाइम की जानकारी कम और रूट पर ट्रेनों के संचालन होने की जानकारी ज्यादा ले रहे थे।
हालांकि नार्दर्न रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा ने बताया कि दिल्ली-टूंडला-कानपुर रूट की ट्रेनों के संचालन पर एक्सीडेंट का कोई असर नहीं पड़ा है। हादसा दूसरे रूट पर हुआ है।