रेलवे बोर्ड की यात्री सुविधा समिति ने बुधवार को रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण किया तो कई खामियां उजागर हुईं। प्लेटफार्म पर फिटिंग तो थी, लेकिन पंखे गायब मिले। यात्रियों के लिए पीने के पानी के इंतजाम भी खराब मिले।
समिति ने कमियां उजागर करनी शुरू की तो अफसर बौखला गए, उन्होंने प्लेटफार्म पर नीचे बैठे यात्रियों से जुर्माना वसूलना शुरू कर दिया। समिति के सदस्यों ने इस पर एतराज जताते हुए अफसरों की खिंचाई की तो रेलवे के डीसीएम ने उनसे न केवल नोकझोंक की, बल्कि उन्हें काम न सिखाने की हिदायत भी दे डाली। समिति ने स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में सुधार की दरकार बताते हुए फिलहाल 10 में से महज 7 नंबर देने की बात कही।
चार सदस्यीय यात्री सुविधा समिति में इरफान अहमद, डॉ. अशोक त्रिपाठी, टीआर कटारिया और योगेश शुक्ला शामिल थे। उनके साथ स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के प्रतिनिधि के तौर पर अरविंद प्रभात भी मौजूद रहे।
सुबह करीब 10:15 बजे समिति स्टेशन पर पहुंची और स्टेशन का निरीक्षण किया। समिति ने स्टेशन के दोनों ओर होम प्लेटफार्म की मांग पर अफसरों से फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर रेलवे मुख्यालय भेजने को कहा।
विजयनगर एंट्री साइड स्थित पार्किंग में बिना रिकार्ड के वाहन मिलने पर उन्होंने संचालक पर 50 हजार रुपये पेनल्टी लगाने की संस्तुति की। प्लेटफार्म नंबर-1/2 पर पंखे नहीं मिलने और प्लेटफार्म पर पर्याप्त संख्या में बेंच न मिली।
समिति ने बेंच की कमी के चलते जमीन पर बैठे यात्रियों को देखकर नाराजगी जताई तो डीसीएम (कोचिंग) अमर प्रताप सिंह ने बेंच की कमी को स्वीकार करने की बजाय नीचे बैठे यात्रियों की रसीद काटकर जुर्माना वसूलने के निर्देश दे दिए।
इस पर समिति के सदस्य नाराज हो गए। उनका कहना था कि अगर रसीद काटनी ही थी तो उनके आने से पहले काटते। इस पर डीसीएम कोचिंग भड़क गए और बोले ‘आप अपना काम कीजिए और हमें अपना काम करने दो।
हमें काम न सिखाइए’। समिति ने एटीएम महेश यादव के कार्यालय में मीडिया से परिचय करना चाहा तो अफसरों ने उन्हें यहां भी रोक दिया। समिति के सदस्यों को यह अपमान लगा तो वह वहां ज्यादा देर नहीं रुके और चल दिए।
स्टेशन से बाहर आकर मीडिया से बात की। समिति सदस्य इरफान अहमद ने बताया कि रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधा बढ़ाने के लिए किए जा रहे निरीक्षण की रिपोर्ट डीआरएम के माध्यम से रेलवे बोर्ड तक पहुंचेगी।
इसके बाद संबंधित विभागों को निर्देश देकर दिक्कतें दूर की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अफसरों के इस अभद्र रवैये की भी रिपोर्ट भी रेलवे बोर्ड को दी जाएगी।
कोट
यात्री सुविधा समिति रेलवे बोर्ड के निर्देशों पर निरीक्षण करती है। समिति के सम्मानित सदस्यों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाती है। गाजियाबाद में समिति के सदस्यों के साथ अगर किसी अधिकारी ने नोकझोंक की है तो यह गलत हुआ है। मुझे जानकारी नहीं है, न ही कोई शिकायत मिली है। डीसीएम को बुलाकर पूछताछ की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा भविष्य में ऐसा न हो। - अरुण अरोरा, डीआरएम, दिल्ली डिवीजन