स्मार्ट सिटी की दौड़ में मजबूत दावेदार यह शहर वाहन पार्किंग की समस्या से जूझ रहा है। जीडीए और नगर निगम की लचर प्लानिंग के चलते सड़क पर बेतरतीब खड़े होने वाले वाहन शहर की सूरत बिगाड़ रहे हैं।
18 लाख की आबादी वाले इस शहर में वाहनों की पार्किंग के लिए महज तीन बिल्डिंगें हैं। इनमें से भी दो अभी संचालित नहीं हैं। बाजारों में 100 फीसदी और कालोनियों में 80 फीसदी वाहन सड़कों पर पार्क किए जा रहे हैं। यह बदइंतजामी शहर में जाम का सबसे बड़ा कारण है।
गाजियाबाद में 4.98 लाख दोपहिया, 2.87 लाख कार और बड़े वाहन पंजीकृत हैं। हर साल करीब 70 हजार वाहनों की बढ़ोतरी हो रही है। इनमें 75 फीसदी वाहन शहरी क्षेत्र में हैं। इन वाहनों की पार्किंग के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
जीडीए ने कालोनी और मार्केट बसाते वक्त भी पार्किंग का इंतजाम नहीं किया। अब फ्लैट कल्चर को गाजियाबाद में बढ़ावा मिला तो यहां पार्किंग की समस्या और विकराल होने लगी है। कालोनियों से लेकर बाजारों तक में वाहन सड़कों पर खड़े होते हैं। यही वजह है कि शहर में दिनभर जाम की स्थिति रहती है।
यह तीन पार्किंग स्थल हैं शहर में
जीडीए की वैशाली स्थित मल्टीलेवल पार्किंग
नगर निगम की रमतेराम रोड स्थित मल्टीलेवल पार्किंग
जीडीए की कलेक्ट्रेट स्थित मल्टीलेवल पार्किंग
दो पार्किंग नहीं हुईं चालू
जीडीए की कलक्ट्रेट स्थित मल्टीलेवल पार्किंग और नगर निगम की रमतेराम रोड स्थित पार्किंग अभी चालू नहीं हुईं हैं। रमतेराम रोड पार्किंग का ठेका छोड़ दिया गया है, लेकिन अभी तक इसका निर्माण पूरा नहीं है। पार्किंग स्थल पर लाइटें, एंट्री गेट और फर्श का काम अधूरा है। ऐसे में अभी इसका संचालन शुरू नहीं हुआ है। कलक्ट्रेट में पार्किंग स्थल तैयार है, लेकिन अभी इसका ठेका नहीं हुआ है।
वर्ष पंजीकृत वाहन
2013 66557
2014 70130
2015 76751
2016 41000 (15 जुलाई तक)
निगम ने सड़कों पर छोड़ दिए पार्किंग ठेके
पार्किंग की समस्या का समाधान करने की बजाय नगर निगम ने सड़कों किनारे पटरी पर पार्किंग ठेके छोड़ दिए हैं। मॉल्स-मल्टीप्लेक्स, अस्पताल, बैंक, डाकघर के बाहर ठेके छोड़े जाने से जाम लगता है। पार्किंग ठेकेदार सड़कों पर वाहनों को खड़ा करा देते हैं और इनसे पैसा वसूलते हैं। कई-कई घंटे सड़कों किनारे वाहन खड़े रहने से जाम लग जाता है।
अब बिना पार्किंग वाहन का नहीं होगा पंजीकरण
पार्किंग की जबरदस्त समस्या को देखते हुए अब आरटीओ ने बिना पार्किंग स्थल का नक्शा दिए वाहन पंजीकरण पर रोक लगा दी है। पंजीकरण के दौरान वाहन मालिक को नक्शे के साथ शपथ पत्र भी देना होगा कि उसके पास वाहन को पार्क करने के लिए स्थल है।
नगर निगम ने रमतेराम रोड पर पार्किंग स्थल डेवलप किया है। इसी तरह कालोनियों में खाली एलएमसी जमीन पर पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। इसके लिए बोर्ड में प्रस्ताव लाया जाएगा। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त
गाजियाबाद को लाने होंगे 60 फीसदी अंक
स्मार्ट सिटी की ‘परीक्षा’ इस बार और कठिन होगी। स्मार्ट सिटी की लिस्ट में शामिल होने के लिए गाजियाबाद को इस परीक्षा में कम से कम 60 फीसदी अंक हासिल करने होंगे। हालांकि बेहतर स्मार्ट सिटी प्रपोजल के आधार पर इस बार गाजियाबाद का नाम स्मार्ट सिटी की लिस्ट में शामिल होना तय माना जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से यह सूची 15 अगस्त तक जारी हो सकती है।
स्मार्ट सिटी के पहले चरण में 98 शहरों के बीच हुई प्रतिस्पर्धा में 55 फीसदी अंक पाने वाले शहरों को भी सूची में शामिल कर लिया गया था। पहली सूची में 20 शहरों को शामिल किया गया। गाजियाबाद इसमें पिछड़ गया था।
यूपी व अन्य राज्यों के ऐसे शहर भी पिछड़ गए थे जो गाजियाबाद से आगे थे। इस बार प्रतिस्पर्धा के दूसरे चरण में सभी शहर ऐसे हैं, जिन्हें एक बार स्मार्ट सिटी प्रपोजल बनाने का तजुर्बा हो चुका है और इस बार और बेहतर प्रपोजल बनाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे थे।
नगर आयुक्त अब्दुल समद का कहना है कि केंद्र सरकार के मानकों पर बेहतर प्रपोजल बनाया गया है। इस बेहतर प्रपोजल के आधार पर गाजियाबाद का नाम स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल होने की पूरी उम्मीद है। उनका कहना है कि सूची जारी होने की कोई तारीख तय नहीं है, लेकिन अगस्त महीने में इसके जारी होने की संभावना है।