गाजियाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विनोद सिंह रावत की अध्यक्षता में किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के कुल 5,41,874 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं, सुलह योग्य एवं शमनीय 111822 वादों का निस्तारण किया गया। अर्थदंड से दंडनीय मामलों में 2,35,41,425 रुपये अर्थदंड आरोपित कर वसूल किए गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत में वैवाहिक एवं भरण पोषण संबंधी 141 मामलों का निस्तारण परिवार न्यायालय द्वारा सुलह समझौते के आधार पर किया गया। इसके अलावा लेबर एक्ट, वाणिज्य अधिनियम, 26 यूपी एक्ट, पुलिस अधिनियम, बाट माप अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम, आबकारी अधिनियम और जिला परिषद अधिनियम से संबंधित लघु प्रकृति के मामलों का भी निस्तारण किया गया।
मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर से संबंधित कुल 57 मामलों का निस्तारण करते हुए पक्षकारों को 91.25 लाख रुपये अदा किए जाने के आदेश पारित किए गए। वहीं, विभिन्न बैंकों की ऋण वसूली (लोन रिकवरी) और बीएसएनएल से संबंधित कुल 3169 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें 3,42,60,826 रुपये की धनराशि वसूली के आदेश पारित हुए। राजस्व न्यायालयों से मिली सूचना के अनुसार राजस्व संबंधी 3,46,577 मामलों का निस्तारण किया गया। कार्यक्रम में पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संजयवीर सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मृदुल मिश्रा, एडीजे-01 ललिता गुप्ता, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट व प्रभारी अधिकारी नजारत विभाग नीरज गौतम, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत व विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट जितेन्द्र मिश्रा और सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नेहा बनौधिया उपस्थित रहीं।