आवास विकास परिषद की सिद्धार्थ विहार योजना की गंगा, यमुना और हिंडन एनक्लेव के 1800 आवंटियों के आशियाने का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। आवास विकास परिषद ने योजना के आवंटियों को फ्लैट का पजेशन देना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को परिषद ने 10 आवंटियों को फ्लैटों का पजेशन दे दिया।
आवास विकास परिषद ने वर्ष 2012 में करीब दो हजार फ्लैटों की गंगा, यमुना और हिंडन एनक्लेव योजना लांच की थी। गंगा योजना में तीन और चार बीएचके, यमुना में टू बीएचके और हिंडन में वन बीएचके फ्लैटों का निर्माण किया गया है।
परिषद को साल 2014 में ही सभी आवंटियों को फ्लैट देना था मगर योजना के निर्माण में देरी के चलते 2016 के अंत तक फ्लैट का दावा किया गया था। अधीक्षण अभियंता केए सिंघल ने बताया कि परिषद ने योजना का कब्जा देना शुरू कर दिया गया है। लोग अब यहां रहने भी लगे हैं। अगले एक माह में सभी आवंटियों को कब्जा दे दिया जाएगा।
परिषद की पहली भूकंपरोधी योजना
अधीक्षण अभियंता केए सिंघल ने बताया कि गंगा, यमुना और हिंडन एंक्लेव आवास विकास परिषद की पहली भूकंपरोधी योजना है जो आरसीसी शियरवॉल तकनीक पर बनी है। बहुमंजिला होने के बावजूद योजना आवंटियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
योजना के आवंटियों को मिल सकेगी गंगाजल की भी सुविधा
वसुंधरा की तर्ज पर गंगा, यमुना और हिंडन एनक्लेव के आवंटियों को भी गंगाजल की सुविधा मिल सकेगी। गंगाजल प्लांट से पांच क्यूसेक पानी की सप्लाई सिद्धार्थ विहार को दी जानी है, जिसका लाभ सबसे पहले यहां के आवंटियों को मिलेगा।