फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: 50 सोसायटियों के 10 हजार से अधिक लोग करेंगे कार पूलिंग

विज्ञापन
राजनगर एक्सटेंशन में कार पूल करके जाते निवासी। स्रोत: जागरूक पाठक
विज्ञापन
गाजियाबाद। गाजियाबाद की 50 से अधिक सोसायटियों के 10 हजार से अधिक लोग अब साझा वाहन से कार्यालय पहुंचेंगे। वैसे तो इन सोसायटियों के लोग काफी समय से इसे विकल्प के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की ईंधन बचाने की अपील और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बाद कार पूलिंग के प्रति उनका फोकस बढ़ गया है। शहर की जिन सोसायटियों में पहले से राइड शेयरिंग ग्रुप बने हुए हैं, उनमें नए सदस्य तेजी से जुड़ रहे हैं। कई सोसायटियों में हाल में इसकी शुरुआत हुई है तो कुछ में निष्क्रिय पड़े ग्रुप फिर से सक्रिय हो गए हैं।
विज्ञापन

सिद्धार्थ विहार में राइड शेयरिंग के दो बड़े ग्रुप सक्रिय हैं। इनमें अपैक्स, शिखर हाइट्स, एससीसी, गौर सिद्धार्थम, टीएनटी और फ्रेगरेंस समेत कई सोसायटियों के 1400 से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। इन ग्रुपों के जरिये लोग दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और मेरठ तक अप-डाउन कर रहे हैं।

प्रतीक ग्रांड सोसायटी निवासी उमाकांत ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में राइड शेयरिंग ग्रुप बनाया था। उस समय इलाके में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहद कमजोर थी। नौकरी के लिए दिल्ली जाना मुश्किल होता था। कई बार लोगों से लिफ्ट मांगनी पड़ती थी। इसी परेशानी को देखते हुए ग्रुप शुरू किया गया। शुरुआत में कुछ ही लोग जुड़े थे, लेकिन धीरे-धीरे यह नेटवर्क बढ़ता गया और अब 1400 से अधिक सदस्य इससे जुड़ चुके हैं। सदस्य संख्या बढ़ने के बाद इसे दो अलग-अलग ग्रुप में बांटना पड़ा।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि कार पूलिंग में कोई तय शुल्क नहीं लिया जाता। व्यक्ति स्वेच्छा से जो सहयोग करना चाहे, वह कर देता है। रोजाना तीन से चार लोग एक साथ सफर करते हैं। इससे ईंधन और खर्च दोनों बचते हैं। साथ ही सफर के दौरान बातचीत होने से तनाव भी कम होता है। उमाकांत के मुताबिक पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बाद शुक्रवार को ही 200 से अधिक लोगों ने ग्रुप में संपर्क किया।

राजनगर एक्सटेंशन स्थित व्रेबहार्ट निवासी दीपांशु मित्तल ने बताया कि वह लंबे समय से ओखला स्थित कार्यालय कार पूलिंग के जरिये ही जाते हैं। इलाके में मेरठ, दिल्ली और नोएडा रूट के 10 से अधिक ग्रुप सक्रिय हैं। इनमें 30 से 40 सोसायटियों के करीब पांच हजार लोग जुड़े हुए हैं। अजनारा इंटीग्रिटी, स्टार रामेश्वरम, एससीसी हाइट्स, बाल मुकुंद, ब्लूमून, रिवर हाइट्स, केडीपी और व्रेबहार्ट जैसी कई सोसायटियों के लोग इन ग्रुपों का हिस्सा हैं।

अजनारा इंटीग्रिटी के एओए अध्यक्ष गौरव कुमार ने बताया कि लगभग हर बड़ी सोसायटी में कार पूलिंग ग्रुप बन चुके हैं। उनकी सोसायटी में ही शेयर राइडिंग के चार ग्रुप सक्रिय हैं, जिनमें 500 से अधिक सदस्य हैं। प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने की अपील के बाद अब और लोग रूट की जानकारी लेकर ग्रुप से जुड़ रहे हैं।
विज्ञापन


कार पूलिंग के फायदे
-ईंधन और यात्रा खर्च में कमी
-ट्रैफिक और प्रदूषण से राहत
-सफर के दौरान तनाव कम होता है
-मेलजोल और नेटवर्किंग बढ़ती है
-भीड़भाड़ वाले रूट पर यात्रा आसान
-महंगाई के दौर में किफायती विकल्प
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें