मोदीनगर में सहकारी समिति पर हंगामा करते किसान और गोदाम से खाद उठाकर ले जाते किसान। संवाद
मोदीनगर। कादराबाद स्थित बहुद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (बी-पैक्स) बिसोखर पर शनिवार सुबह खाद न मिलने से गुस्साए किसानों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित किसान जबरन सहकारी समिति में घुस गए और यूरिया के 350 बोरे उठा ले गए। हंगामे के दौरान वहां धक्का-मुक्की भी हुई। नियमानुसार खाद लेने पहुंचे किसानों को खाली हाथ बैरंग ही लौटना पड़ा।
सारा गांव के आशीष त्यागी और कादराबाद के दीपक कुमार व अन्य किसानों ने बताया कि वह लगभग सात दिनों से खाद लेने के लिए समिति के चक्कर काट रहे थे। सचिव और सहायक लिपिक ने उन्हें शनिवार को खाद लेने के लिए बुलाया था। शनिवार सुबह सहकारी समिति पर किसान बड़ी संख्या में जमा हो गए, मगर किसानाें को खाद नहीं मिली। इससे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।
आक्रोशित किसानों ने सचिव नवनीत और सहायक राकेश कुमार पर खाद की कालाबाजारी और अपने चहेतों को खाद देने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच किसान आधार कार्ड और फर्द दिए बिना ही वहां से यूरिया के 350 बोरे उठाकर ले गए। बोरे उठाने के लिए किसानों में आपाधापी मच गई। किसानों और सहायक के बीच धक्का मुक्की भी हुई। बोरे उठाते देख सहायक राकेश कुमार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही किसानों ने गोदाम खाली कर दिया।
सहायक लिपिक राकेश कुमार का कहना है कि कालाबाजारी के आरोप पूर्णतः निराधार हैं। किसान बिना फर्द और आधारकार्ड दिए खाद की बोरी उठा ले गए। वहीं सचिव नवनीत कुमार का कहना है कि हम पर फर्जी आरोप लगाए जा रहे हैं। समिति की तरफ से ऊपर से आए निर्देशानुसार ही कार्य किया जाता है।
सहकारिता के सहायक रजिस्ट्रार (एआर) अमित कुमार त्यागी का कहना है कि सभी सचिवों को पॉस मशीनों के जरिये नियमानुसार किसानों को खाद बांटने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद अगर किसी सचिव की ओर से अनियमितता की गई है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सहकारी समिति से ले जाई गई 350 बोरी खाद के संबंध में जांच कमेटी बनाकर तीन दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जनपद में हमारे पास पर्याप्त उर्वरक है। किसानों को खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।