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Ghaziabad News: आदेश दरकिनार, सड़कों पर बिना हेलमेट बाइक सवारों की बहार

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गाजियाबाद। यातायात नियमों का पालन न करना और जान हथेली पर लेकर सफर करना शहर के दोपहिया चालकों की आदत बन गई है। ट्रैफिक पुलिस के जागरूकता अभियान, चेकिंग पॉइंट और हाईटेक कैमरों को ठेंगा दिखाते हुए बिना हेलमेट बाइक दौड़ाते युवाओं का नजारा हर प्रमुख मार्ग पर आम है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन महीनों में पुलिस बिना हेलमेट चलने पर 25 हजार से अधिक लोगों का चालान कर चुकी है, लेकिन चालान की पर्चियां भी कानून का खौफ पैदा करने में नाकाम हैं। मंगलवार को शहर की सड़कों पर पड़ताल की गई तो कई चौंकाने वाले दृश्य सामने आए।
सीन एक: हापुड़ रोड पर दोपहर करीब एक बजे एक बाइक सवार बिना हेलमेट गुजर रहा था, जबकि हापुड़ चुंगी चौराहे पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं।
सीन दो: एनएच-9 पर एक बाइक सवार चालान से बचने के लिए हेलमेट साथ तो ले रखा था, लेकिन सिर पर लगाने के बजाय टंकी पर रखकर चल रहा था।
सीन तीन: कविनगर में भी बिना हेलमेट युवक बाइक दौड़ाता नजर आया। शहर की लगभग हर सड़क पर ऐसे बाइक सवार रोजाना देखे जा सकते हैं।
कैमरे सक्रिय, फिर भी बेपरवाह फर्राटा
शहर के व्यस्ततम चौराहों हापुड़ चुंगी, पुराना बस अड्डा, राजनगर एक्सटेंशन कट और मोहन नगर तिराहे पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के कैमरे 24 घंटे सक्रिय हैं। इनके जरिये रोजाना सैकड़ों ई-चालान वाहन स्वामियों के मोबाइल पर भेजे जा रहे हैं। मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी तैनात रहते हैं, इसके बावजूद मुख्य मार्ग से लेकर कॉलोनी की सड़कों तक बिना हेलमेट बाइक दौड़ाना आम है। कई बार चेकिंग पॉइंट देखकर चालक अचानक गाड़ी मोड़कर भागते हैं, जिससे पीछे से आ रहे वाहनों के लिए हादसे का खतरा बन जाता है।
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पिछली सवारी के लिए भी नियम, पर पालन शून्य
मोटर वाहन अधिनियम के तहत पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट अनिवार्य है, लेकिन इस नियम की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। 95 फीसदी से ज्यादा मामलों में पीछे बैठी सवारी बिना हेलमेट ही सफर करती है। कॉलेज जाने वाले छात्रों से लेकर कामकाजी लोगों तक अधिकांश लोग हेलमेट को सुरक्षा कवच नहीं, बल्कि चालान से बचने का झंझट समझते हैं।
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आंकड़े बताते हैं सख्ती की तस्वीर



कुल चालान (तीन माह): 25,000 से अधिक



रोजाना औसतन कार्रवाई: 250 से 300 वाहन



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सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले तीन महीनों में रिकॉर्ड 25 हजार से अधिक चालान काटे गए हैं और लगातार अभियान जारी है। अब केवल चालान तक सीमित न रहकर बार-बार नियम तोड़ने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित करने की संस्तुति संभागीय परिवहन विभाग को भेजी जाएगी।



-वरुण कुमार सिंह, एडीसीपी यातायात
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