गाजियाबाद। लोनी के चर्चित यूट्यूबर सलीम वास्तिक के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-1 ने परिवाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश धार्मिक संगठन तहफ्फुल ए नामूस ए रिसालत एक्शन ट्रस्ट (टीएनआरएटी) के मेरठ मंडल अध्यक्ष शाहिद खान तहसीनी के दाखिल याचिका पर पारित किया।
अदालत ने मामले में अगली सुनवाई 23 मई तय करते हुए बयान दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। सलीम अभी जानलेवा हमले के बाद अस्पताल में भर्ती हैं।
याचिकाकर्ता शाहिद खान तहसीनी ने अदालत को बताया कि नौ जनवरी 2026 को उनके मोबाइल फोन पर एक वीडियो क्लिप प्राप्त हुई थी। आरोप है कि इसमें सलीम वास्तिक ने पैगंबर इस्लाम के बारे में आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि इस वीडियो से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इससे समाज में आक्रोश फैलने की आशंका है।
शाहिद खान ने बताया कि उन्होंने इस मामले में थाना स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों तक शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने अदालत की शरण ली। अदालत ने थाना अंकुर विहार से रिपोर्ट तलब की। इसमें बताया गया कि इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं है। अदालत ने सीधे एफआईआर दर्ज कराने के बजाय प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में स्वीकार कर लिया।
सलीम पर दो युवकों ने जानलेवा हमला किया था, जिसमें वह घायल हो गए थे। दोनों हमलावरों को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया था। फिलहाल सलीम का इलाज जारी है। ब्यूरो