गाजियाबाद। शहर में सिलिंडर का कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका ट्रॉली और गैस सिलिंडर पहुंचाने वालों की सामने आई है। कोई ट्रॉली चालक से संपर्क करने को कह रहा है, तो कोई सिलिंडर लेने के लिए रकम तक बता रहा है। सबसे अधिक समस्या बिना कनेक्शन वाले लोगों को हो रही है। कई स्थानों पर लोग मजबूरी के कारण 1800 से लेकर 2000 रुपये तक ब्लैक में सिलिंडर खरीदने को विवश हैं। अमर उजाला ने शुक्रवार को गैस की कालाबाजारी की पड़ताल की।
ट्रॉली चालक से मिलेगा सिलिंडर :
दोपहर करीब पौने दो बजे रिपोर्टर राजनगर स्थित भारत गैस एजेंसी पर पहुंचा। वहां पर बिना कनेक्शन के अपने खाली सिलिंडर भरवाने की मांग की। पहले तो वहां मौजूद कर्मचारियों उससे साफ इन्कार कर दिया पर काफी देर बातचीत करने के बाद उसने ट्रॉली चालक से संपर्क करके सिलिंडर लेने को कहा। ट्राॅली संचालक से बात करने पर उसने गोंविदपुरम सिलिंडर लेने के लिए बुलाया।
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नहीं होगा कनेक्शन, सिलिंडर भी खत्म :
इसके बाद रिपोर्टर दोपहर करीब दो बजे राजनगर आईएमसी कॉलेज के पास स्थिति इंडियन गैस एजेंसी पर पहुंचा। वहां भी उसने सिलिंडर की मांग की, लेकिन मौके पर मौजूद गोदाम इंचार्ज ने बिना कनेक्शन के सिलिंडर देने से इन्कार कर दिया। उसने बताया कि अभी न तो नया कनेक्शन हो रहा है और न हीं ऐसे ब्लैक में सिलिंडर मिल पायेगा। उसने कहा बाहर कोई दे दे तो बात अलग है। हालांकि बाहर कुछ लोगों ने दूसरी एजेंसी से मदद कराने की बात कही।
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बोले अधिकारी -
सिलिंडर की कालाबाजारी करने वाले एजेंसी की जांच के लिए जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसमें बाहर से सिलिंडर को ब्लैक करने वालों के लिए टीम का गठन किया जाएगा।
अमित तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी