पहासू। क्षेत्र के करौरा गांव निवासी मजदूर अपनी एक माह की बीमार बच्ची बेबी को उपचार के लिए क्लीनिक पर गया। जहां इंजेक्शन लगने के बाद बच्ची की तबीयत और बिगड़ गई व उसकी मौत हो गई। वहीं, परिजनों झोलाछाप पर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। एसीएमओ ने मौके पर पहुंच कर क्लीनिक सील किया और जांच शुरू कर दी।
क्षेत्र के गांव करौरा निवासी देवराज ने बताया कि मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। एक साल पहले उनकी शादी सुमन के साथ हुई थी। एक महीने पहले उनकी बेटी का जन्म हुआ, जिसका नाम उन्होंने बेबी रखा था। देवराज ने बताया कि बेबी को निमोनिया की दिक्कत थी। दो-तीन दिन से मौसम बदलने के साथ बेबी की तबीयत खराब हो रही थी।
ऐसे में बृहस्पतिवार सुबह वह करीब दस बजे वह गांव में स्थित क्लीनिक पर गए। जहां पर झोलाछाप ने बच्ची के बुखार की जांच की और इंजेक्शन लगाया। थोड़ी देर बाद दोबारा दिखाने के लिए कहा। जब देवराज बच्ची को लेकर घर आए तो उसकी तबीयत और बिगड़ने लगी व जोर-जोर से रोने लगी। ऐसे में 12 बजे वह दोबारा झोलाछाप के पास गए।
क्लीनिक पर पहुंचने के कुछ देर बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची को मृत अवस्था में देख मां सुमन उसको गोद में लेकर बिलख उठीं। वहीं, पिता देवराज भी जोर-जोर से रोने लगा। थोड़ी देर में क्लीनिक पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों ने भानु प्रकाश पर गलत उपचार करने का आरोप लगाया। सूचना पर पहासू थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
इसके बाद जांच पड़ताल करते हुए पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम जांच के लिए भेज दिया। वहीं, दोपहर बाद एसीएमओ डॉ. योगेश टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जहां चिकित्सकों के सभी दस्तावेज जब्त किए और क्लीनिक को सील कर दिया।
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कोट :-
पोस्टमार्टम जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट होंगे। सीएमओ के निर्देश पर क्लीनिक को सील किया गया है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. योगेश, एसीएमओ