गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) को एनएच-9 से जोड़ने वाला कट बंद करने से करीब छह किमी लंबा जाम लग गया। वाहन चालकों को डासना तक दौड़ लगानी पड़ी। डीएमई पर वाहनों की लंबी कतार को देखते हुए एनएचएआई को करीब पौने दो घंटे बाद ही कट फिर से खोलना पड़ा। तब जाकर करीब 40 मिनट बाद स्थिति सामान्य हुई।
एनएचएआई के साइट इंजीनियर आरके पांडेय ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और क्रॉसिंग रिपब्लिक के निवासियों की मांग पर एक साल पहले आईपीएम कॉलेज के पास कट खोला गया था। कनेक्टिविटी सुधारने के उद्देश्य से खोला गया यह रास्ता अब हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए बाधा बन रहा है। इससे आए दिन जाम लगने के साथ दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। ऐसे में एनएचएआई ने इसे बंद करने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक दिसंबर से कुछ दिन तक शाम छह से रात नौ बजे तक कट बंद करने का ट्रायल शुरू किया गया।
इसी क्रम में सोमवार शाम करीब सवा छह बजे आईपीएम कॉलेज के सामने बैरिकेडिंग लगाकर कट बंद कर दिया गया। इससे दिल्ली से क्रॉसिंग रिपब्लिक, चिपियाना, लालकुआं, बुलंदशहर मार्ग और बम्हैटा आने वाले वाहनों से डीएमई पर जाम लग गया। आईपीएम कट बंद होने से वाहन चालकों को डासना तक दौड़ लगानी पड़ी। ऐसे में दिल्ली से आने वाले वाहनों की दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की एक लेन में कतार लग गई।
हालात बिगड़ते देख एनएचएआई ने पहले दिन पौने दो घंटे ही ट्रायल किया। रात करीब पौने आठ बजे कट को फिर से खोला गया, इसके बाद स्थिति सामान्य हुई। एसीपी ट्रैफिक जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि इस कट से सुबह शाम करीब चार से पांच लाख वाहन निकलते हैं। एनएचएआई मंगलवार को फिर से बैठक कर कट को बंद करने की रणनीति बनाएगा।