सरकारी पैथलैब में मशीनों की कमी के कारण कई ऐसी जांचें हैं जो नहीं हो पाती हैं। सरकारी अस्पतालों की पैथलैब में कहीं तो मशीनें नहीं हैं और जहां मशीनें हैं, वहां खराब पड़ी हैं। मशीनें खराब होने के कारण कई बार मरीजों को प्राइवेट पैथलैब में पैसे खर्च करने पड़ते थे।
अब प्राइवेट पैथलैब से सरकारी स्तर पर जांच होने की सुविधा के बाद मरीजों को आसानी हो गई है। एमएमजी में प्राइवेट पैथलैब का कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। इसमें पिछले तीन चार महीनों में एक हजार से अधिक मरीजों की जांचे हुई हैं।
इसमें से सबसे अधिक जांच लिपिड प्रोफाइल हुआ है। इसके अलावा हेपेटाइटिस-बी, सी, थायोराइड, शुगर एनालिसिस एचबी आदि की जांच हुई है। किसी भी बीमारी से पहले कई प्रकार की पैथलॉजी जांच करानी पड़ती है।
इसमें से कई जांच काफी महंगी होती है। सरकारी अस्पतालों में अब तक सामान्य बीमारियों की ही जांच होती थी। थायोराइड, हार्मोनल जांच, किडनी प्रोफाइल, यूरीन कल्चर, ब्लड कल्चर आदि के मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता था जिसमें हजारों का खर्चा होता था। अब यह सभी जांच एमएमजी में हो जाती है।
मरीजों को होगा फायदा
इससे पहले इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को भी जांच के लिए बाहर जाना पड़ता था। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को थायोराइड जांच, किडनी रोगी, लीवर प्रोफाइल, यूरीन कल्चर, ब्लड एन्जाइम टेस्ट, बीएमपी आदि टेस्ट जो बाहर में 1500 से लेकर 2300 तक में होती है वह सभी जांच अब मुफ्त में होती है।
इसके लिए बस मरीज की आइडी मांगी जाती है। सीएमएस डॉ. जेके त्यागी ने बताया कि जिन मरीजों के पास आईडी नहीं होती उनके परिजनों की आइडी देखी जाती है बिल्कुल इमरजेंसी होने की दशा में सीएमएस की मुहर पर जांच होती है।